शक्तिनगर-वाराणसी राजमार्ग रेणुकूट में लगा वाहनों से जाम। संवाद
रेणुकूट। पिपरी थाना अंतर्गत मुर्धवा-हाथीनाला मार्ग पर शनिवार को आठ घंटे तक वाहन रेंगते रहे। ओवरलोड तीन ट्रकों के खराब होने से लगे जाम ने राहगीरों की खूब फजीहत कराई। स्कूली बच्चों के साथ नौकरीशुदा लोगों को पैदल ही कई किमी की दूरी तय करनी पड़ी। सुबह चार बजे से लगा जाम दोपहर 12 बजे तक चलता रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर आवागमन सुचारू कराया।
राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर हथवानी के पास अनपरा की तरफ आ रहा राख लदा ट्रेलर सुबह करीब चार बजे खराब हो गया। कुछ ही देर में उसके पीछे कोयला लदे ट्रक में खराबी आ गई। संकरे मार्ग पर दो वाहनों के खराब होने से जाम लगना शुरू हुआ। देखते ही देखते हाथीनाला और दूसरे तरफ मुर्धवा तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। वाराणसी की तरफ से आ रहे एक अन्य ट्रक के भी खराब होने से हालात और बिगड़ गए। सुबह आठ बजते-बजते मुर्धवा से हाथीनाला के बीच आठ किमी तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहर तक लोग इसमें जूझते रहे। जाम इतना बढ़ा कि छोटे-बड़े वाहन चालक वैकल्पिक मार्ग की तलाश करने लगे। दुद्धी होकर कई वाहन अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। यहां तक कि सरकारी बसों को भी दुद्धी होकर ही आना पड़ा। जाम के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों और कार्यालय जाने वाले लोगों को उठानी पड़ी। चौकी प्रभारी संजय सिंह मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने के प्रयास करते रहे। वाहनों की लंबी कतार और ओवरलोड गाड़ियों के खराब हो जाने से जाम पूरी तरह से समाप्त होने में काफी देर लगी। पिपरी थाना प्रभारी सतेंद्र राय ने बताया कि दोपहर 12 बजे के बाद मुर्धवा-हाथीनाला मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया है।
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छह किमी दूरी तय करने में एबुलेंस को लगे 20 मिनट
लंबे जाम में इमरजेंसी सेवा के वाहन भी फंसे रहे। सुबह करीब 11 बजे रेणुकूट से मरीज लेकर वाराणसी की तरफ जा रहा एंबुलेंस भी जाम में फंस गया। लंबे जाम के कारण मरीज और उनके तीमारदार सकते में आ गए। लगातार हूटर बजता रहा, लेकिन मार्ग में जगह न रास्ता नहीं मिल पा रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत कर किसी तरह एंबुलेंस को जाम से निकलवाया। करीब छह किमी की दूरी तय करने में एंबुलेंस को 20 मिनट लग गए। वहीं कई स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। इसके चलते उन्हें देर से स्कूल पहुंचना पड़ा।
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चौड़ीकरण न होने से बढ़ रही फजीहत
रांची-रीवा मार्ग पर जिले में विंढमगंज से औड़ी मोड़ तक का हिस्सा अब तक फोर लेन नहीं बन पाया है। करीब 25 साल पहले यह सड़क एनएच घोषित हुई थी। तब से तमाम कवायदों के बाद भी इस मार्ग का चौड़ीकरण नहीं हो पाया है। करीब डेढ़ साल पहले मार्ग का सर्वे कराया गया था, लेकिन इसके बाद से ही मामला फाइलों तक अटका है।
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वर्जन...
जगह-जगह वाहनों के खराब होने से जाम की स्थिति बनी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रास्ता खाली कराया। वैकल्पिक मार्ग ने होने से दिक्कत आ रही है। ओवरलोड वाहनों पर लगातार कार्रवाई जारी है। -अमित कुमार, सीओ, पिपरी।