जंगल में लग रही आग को लेकर वन विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही से वनस्पतियों को नुकसान पहुंच रहा है। सोमवार को सलखन फॉसिल्स पार्क परिसर में लगी आग में भी बड़ी संख्या में पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है। आग की लपटें फॉसिल्स से जरूर दूर रहीं, लेकिन परिसर के पेड़-पौधे इससे बच नहीं पाए।
पेड़ बनने से पहले ही सैकड़ों पौधे आग की भेंट चढ़ गए। हालांकि वन विभाग अभी भी सिर्फ झाड़ियों के ही जलने का दावा कर रहा है। उधर, वित्तीय सत्र के अंतिम दिन लगी आग पर भी लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।सलखन में स्थित फॉसिल्स पार्क जिले की अनूठी धरोहर है।
करीब 25 हेक्टेयर में फैले इस परिसर में करोड़ों साल पुराने फॉसिल्स के साथ ही कई दुर्लभ वनस्पतियां भी हैं। इसके अलावा वन विभाग की ओर से भी प्रति वर्ष हरियाली बढ़ाने के लिए परिसर में नए पौधे भी लगाए जाते हैं। सोमवार को अज्ञात कारणों से फाॅसिल्स पार्क परिसर में लगी आग से इन वनस्पतियों को काफी नुकसान पहुंचा है।
मुख्य मार्ग से पार्क की तरफ बढ़ने पर पड़ने वाले पहले मोड़ वाली पहाड़ी का काफी हिस्सा आग की जद में था। यहां नीम, पलाश के पेड़, बांस की कोठी सहित अन्य पेड़-पौधे सघन रूप में थे। आग के बाद यह क्षेत्र पूरी तरह खाली हो गया है। इसी तरह विद्युत उपकेंद्र के पास भी सड़क की एक पटरी में काफी दूर तक आग लगने के निशान हैं।
यहां भी काफी संख्या में पौधे लगे थे, जो आग की भेंट चढ़ गए। वन विभाग इन्हें सिर्फ झाड़ियां ही मान रहा है, जबकि यही पौधे बड़े होकर पेड़ बनने वाले थे। परिसर में आग से हुई क्षति के बाद दूसरे दिन भी सुरक्षा प्रबंध नदारद रहा। मुख्य मार्ग के अलावा आसपास की रहवासी बस्तियों से सटी बाउंड्री के रास्ते लोग पैदल व वाहन से आते-जाते रहे।
फॉसिल्स पार्क परिसर में लगी आग से पेड़-पौधों को नुकसान नहीं पहुंचा है। सिर्फ झाड़ियां ही जली हैं। आग का क्षेत्र संरक्षित फाॅसिल्स से काफी दूर था। उसे आगे बढ़ने से पहले ही समय रहते रोक दिया गया। परिसर में सुरक्षा के समुचित इंतजाम हैं। कर्मचारी की तैनाती की गई है। आगे से ऐसी घटनाएं रोकने के लिए आसपास के लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। उन्हें जागरूक जा रहा है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
-पवन सचान, वन क्षेत्राधिकारी, गुरमा।
जंगल में फैलने वाली आग को लेकर वन महकमा अलर्ट
म्योरपुर वन रेंज के रनटोला जंगल में फैलने वाली आग को लेकर वन महात्मा अलर्ट हो गया है। इसको लेकर मंगलवार को वन दरोगा बिहारी पांडेय की अगुवाई में वन कर्मियों ने मुर्धवा-बीजपुर मार्ग के किनारे आग लगाकर सुखी पत्तियों को साफ कर दिया।
वन दरोगा ने बताया कि जंगल किनारे पत्तियों को जला देने से जंगल में आग नहीं फैलेगी। उन्होंने बताया कि राहगीरों की ओर से आग लगा दी जाती है। ऐसे में पूरा जंगल जलकर राख हो जाता है। कहा कि एहतियातन सड़क किनारे के सूखे पत्तों को जला दिया जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में वन कर्मी मौजूद रहे।