मचा हंगामा
अस्पताल कर्मियों ने लापरवाहीपूर्वक प्रसव कराने का प्रयास किया। जब सफलता नहीं मिली तो ऑपरेशन कर शिशु को बाहर निकाला। अस्पताल नर्स ने प्री-मेच्योर बच्चे को मृत पैदा होना बताया।
दूसरे अस्पताल में डाॅक्टर ने जांच कर बताया कि प्री मेच्योर डिलेवरी के समय ऑपरेशन के दौरान गर्भाशय भी निकाल दिया गया है। वाराणसी के निजी अस्पताल में अभी भी महिला का इलाज जारी है। रितेश के मुताबिक अभी तक लगभग आठ लाख खर्च हो चुके हैं। अगर समय रहते वाराणसी नहीं जाते तो उस अस्पताल में पत्नी की मौत हो सकती थी।
बोले अधिकारी
मामले का संज्ञान लेते हुए टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई होगी। - डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमओ।