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Sonebhadra News: उस्मान ने कायम रखी परिवार की प्रतिष्ठा, गढ़ भेदने में नाकाम रहा विपक्ष

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सोनभद्र। निकाय चुनाव में जिले की सबसे चर्चित सीट रही चोपन में उस्मान अली की जीत ने विरोधियों को बड़ा झटका दिया है। अपने राजनीतिक कौशल और सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए उस्मान ने पहले टिकट की लड़ाई जीती और फिर चुनाव परिणाम को अपने पक्ष में लाकर परिवार की प्रतिष्ठा को कायम रखा है। लगातार चौथी बार चोपन में अध्यक्ष के पद पर एक ही परिवार की जीत हुई है। इससे पहले उस्मान के बड़े भाई दो बार और एक बार भाभी ने जीत हासिल की थी।
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चोपन नगर का चुनाव शुरू से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। वर्ष 2012 में इम्तियाज अहमद ने यहां से निर्दल उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की। वर्ष 2017 में वह लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए। चुनाव के कुछ महीनों बाद उनकी हत्या के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी फरीदा बेगम ने भी निर्दल उम्मीदवार के रुप में जीत हासिल की। इस बार चुनाव में भाजपा का पलड़ा मजबूत था। लिहाजा पार्टी से टिकट पाने के लिए कइयों ने आवेदन पेश किया था। ऐन वक्त पर भाजपा ने यह सीट गठबंधन के साथी निषाद पार्टी को सौंपा तो भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता सकते में आ गए। निषाद पार्टी ने यह टिकट फरीदा बेगम के प्रतिनिधि उस्मान अली को सौंपा तो भाजपा के अंदरखाने में बगावत के स्वर फूटने लगे। पार्टी नेतृत्व के फैसले को दरकिनार कर चुनाव भी लड़े। इस कारण राजनीतिक हलके में यहां गठबंधन प्रत्याशी के लिए भीतरघात का खतरा बढ़ने का अंदेशा जताया जाने लगा था। अपने सूझबूझ के बल पर उस्मान ने न सिर्फ विरोध के स्वर को दबाया, बल्कि पिछले दस वर्षों से चेयरमैन के रूप में कराए गए कार्यों को गिनाते हुए जनता का भरपूर समर्थन भी पाया। उन्होंने भाजपा के बागी व निर्दल उम्मीदवार संजय जैन को शिकस्त देकर चेयरमैन की कुर्सी हासिल की।
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चोपन नगर का परिणाम:: प्रत्याशी: पार्टी: मिले मत
उस्मान अली: निषाद पार्टी: 3876
संजय जैन: निर्दल: 3526
जीत का अंतर: 350
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