दुद्धी। विधानसभा के बाद भाजपा ने नगर निकाय चुनाव में भी दुद्धी में कमल खिलाकर इतिहास रच दिया है। पहली बार इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली है। राजनीति के लिए बिलकुल नए चेहरे के रूप में कमलेश मोहन ने चुनाव मैदान में किस्मत आजमाया और अपने साथ पार्टी का भी भाग्योदय करा दिया। दुद्धी नगर पंचायत के चुनावी इतिहास में चेयरमैन की कुर्सी पर कभी कोई दलीय उम्मीदवार नहीं बैठा था। हर चुनाव में यहां निर्दलीय को जीत मिलती रही है। इस बार का चुनाव सत्ताधारी दल भाजपा के लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। कार्यकर्ताओें की मेहनत और एकजुटता का असर रहा कि भाजपा को यहां बड़ी जीत हासिल हुई। कमलेश मोहन ने चुनाव में नगर में जीत की हैट्रिक लगाने वाली पूर्व चेयरमैन सुनीता कमल के पति कमल कांदू को हराया। खास बात यह कि दोनों आपस में संबंधी भी हैं। चुनाव में भाजपा के कमलेश मोहन को 3316 मत मिले। वहीं निर्दल प्रत्याशी कमल कांदू को 2296 मत प्राप्त हुए। कुल 1020 मतों से भाजपा की जीत हुई।
सुनीता कमल ने लगाई थी हैट्रिक
नगर पंचायत दुद्धी में 2 अक्टूबर 1988 को पहली बार गोपाल दास जायसवाल ने शपथ लिया था। दूसरी बार गोपाल दास जायसवाल की पत्नी मंजू जायसवाल 1995 में सामान्य महिला सीट से जीतकर सपथ ली थीं। तीसरी बार सन 2000 मे सामान्य पुरूष सीट पर गोपाल दास जीत दर्ज किया था। तीन बार से लगातार 2007, 2010, 2012 में सामान्य महिला की सीट से सुनीता कमल ने जीत दर्ज किया। सामान्य सीट से 2017 ने राजकुमार अग्रहरि ने जीत हासिल किया है।