औड़ी स्थित मां दुराशनी मंदिर प्रांगण में गुरुवार से नौ दिनी श्रीशतचंडी महायज्ञ की शुरुआत हो गई। इससे पूर्व औड़ी और अनपरा में गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। यज्ञ के दौरान यहां स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा कराई जाएगी।
इस दौरान जय माता दी के जयकारे से परिक्षेत्र गुंजायमान रहा।
दोपहर 12 बजे सैकड़ों काफी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने कहुआ नाला के अर्जुन घाट से जल उठाकर कलश यात्रा निकाली। इस दौरान धातु और मिट्टी के कलश आकर्षण का केंद्र बने रहे। अनपरा-शक्तिनगर मार्ग से होते हुए कलश यात्रा दुराशनी मंदिर पहुंची। यहां कलश स्थापित कर यज्ञ की प्रक्रिया शुरू की गई। यजमान की भूमिका रणहोर प्रधान अजय प्रकाश पांडेय ने निभाई। सुशील कृष्ण दवे, प्रेम शंकर तिवारी, विष्णु प्रभाकर तिवारी आदि ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश यात्रा की प्रक्रिया पूरी करवाई।
आयोजन समिति के अध्यक्ष श्रीराम पांडेय ने बताया कि आहुतियों की शुरुआत शुक्रवार से होगी। पतेश्वर देव पांडेय, विजय देव पांडेय, दुर्गा प्रसाद मिश्र, मनोज पांडेय, हृदयनरायण मिश्रा आदि हवन-पूजन की क्रिया संपन्न कराएंगे। मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की मूर्ति में 26 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और 27 फरवरी को हवन कुंड में आहुतियों के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
कलश यात्रा में राजेश यादव, विजय तिवारी, अजीत तिवारी, रमेश मेहता, पंकज मिश्रा, दशाराम यादव, रामरक्षा तिवारी, महेंद्र यादव, राकेश बैसवार, प्रधान रीता देवी, प्रमोद शुक्ला, मुकेश कुमार, अनिल दुबे, भोला सिंह, गुड्डू उपाध्याय आदि मौजूद रहे।