सोनभद्र। राज्य वित्त एवं 14वां वित्त के तहत गांव में हुए विकास कार्यों को ब्योरा प्रिया साफ्टवेयर पर अपलोड करना है। लेकिन जिले की 637 ग्राम पंचायतों में से करीब लगभग 598 ग्राम पंचायतों ने ही खर्च का ब्यौरा उपलब्ध कराया है। शेष ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी ने अभी तक खर्च का ब्यौरा नहीं दिया है। जबकि शासन ने पंचायती राज विभाग को हरहाल में 31 अगस्त तक खर्च का ब्यौरा ऑनलाइन करने का निर्देश दिया था। डीपीआरओ आरके भारती ने बताया कि सप्ताह भर में जो प्रधान धनराशि का हिसाब साफ्टवेयर पर अपलोड नहीं कराएंगे उनाका खाता सीज किया जाएगा।
ग्राम पंचायतें राज्य एवं 14वां वित्त की धनराशि से सड़क, नाली, हैंडपंप के मरम्मत आदि का कार्य कराती है। वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायतों ने राज्य वित्त एवं 14वां वित्त का धनराशि किन-किन कार्यों पर कितना खर्च किया है इसका ब्यौरा साफ्टवेयर पर अपलोड किया जाना है। पंचायत राज विभाग ने प्रिया वेेबसाइट संचालित की है। शासन ने 31 अगस्त तक खर्च हुए धनराशि का विवरण ऑनलाइन करने का निर्देश था।
राबर्ट्सगंज, घोरावल एवं दुद्धी तहसील के 39 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सेक्रेटरियों धनराशि का ब्यौरा साफ्टवेयर पर अपलोड नहीं कराया। डीपीआरओ ने संबंधितों को एक मौका और देते हुए सात दिन में संपूर्ण ब्यौरा अपलोड कराने का निर्देश दिया है। डीपीआरओ आरके भारती ने कहा कि अब तक 598 ग्राम पंचायतों के राज्य वित्त एवं 14वां वित्त के खर्च हुए धनराशि का ब्यौरा साफ्टवेयर पर अपलोड करा दिया गया है। जो प्रधान एवं सेक्रेटरी अभी तक खर्च किए गए धनराशि की हिसाब नहीं दिए हैं उन्हें सात दिन की मोहलत दी गई है। जो प्रधान ब्यौरा नहीं देंगे उनका खाता सीज कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करेंगे।