इसी कड़ी में प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज धर्मेंद्र सिंह और एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर रामस्वरूप वर्मा की अगुवाई वाली टीम होटल डीआर ड्रीम के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग में जुटी हुई थी। उसी दौरान सूचना मिली कि हिंदुआरी तिराहे के पास आयशर कंपनी का एक छह पहिया वाहन खड़ा है और उसमें दो संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद हैं। जानकारी मिलने के बाद टीम जैसे ही मौके पर पहुंची वाहन में बैठे दोनों व्यक्तियों ने कूदकर भागने का कोशिश की जिन्हें तत्काल दबोच लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों एक ने अपना नाम बदायूं जिले के ओसावां थाना क्षेत्र के अद्दरमई निवासी बिरेस बताया और दूसरे ने अपना नाम आसोवा थाना क्षेत्र के मियारी-अभिबांव गोविंद होने की जानकारी दी। वाहन को देखा गया तो पीछे का हिस्सा खाली थी लेकिन जब उसमें बने गुप्त केबिन को खोलवाया गया तो मालूम हुआ कि सात बोरियों में कुल 2.20 कुंतल गांजा रखा हुआ है।
कोरोना के बाद बना नेटवर्क, एक नहीं कई बार ले जा चुके थे खेप
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली के बुद्ध विहार इलाके में कोराना काल के समय जब काम-धंधे बंद हो गए। तब दूसरे राज्यों से गए लोग गांजा तस्करों के संपर्क में आ गए। इस काले धंधे में अच्छे मुनाफे को देखते हुए बाद में कई लोग जुड़े गए। कहा जा रहा है कि बदायूं निवासी जो तस्कर पकड़े गए हैं, वह भी सोनभद्र के रास्ते गांजे की खेप कई बार दिल्ली पहुंचा चुके हैं। आरोपियों के पास से पकड़े गए तिथि से पूर्व की कई टोल पर्चियां भी मिली हैं। उस समय गांजे की कितनी खेप और कहां के लिए ले जाई गई, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
बता दें कि पिछले वर्ष अप्रैल में दिल्ली के बुद्ध विहार इलाके में सक्रिय मूलत: बिहार के शिवहर निवासी उमेश साहनी को पकड़ा गया था। उस समय भी यह जानकारी सामने आई थी कि तस्करों का नेटवर्क ओडिशा से भारी मात्रा में गांजा मंगवाकर दिल्ली व दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाके में छोटे तस्करों-खरीदारों को आपूर्ति दे रहा है। पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि कोराना काल में जब उसका मछली बिक्री का धंधा ठप हो गया तो उसने तस्करी की राह पकड़ ली। दिल्ली के मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी और बेगमपुर इलाके से भी तस्करी के तार जुड़े होने की बात सामने आई थी।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पूर्व की टोल पर्चियां भी बरामद हुई हैं। कहीं इन पर्चियों का संबंध तस्करी से तो नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पूछताछ में दिल्ली और ओडिशा के लोगों के गिरोह में शामिल होने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर भी कोई व्यक्ति इससे जुड़ा है या नहीं? पता लगाया जा रहा है। कामयाबी पाने वाली टीम को 10 हजार का इनाम भी दिया जा रहा है। -अभिषेक वर्मा, एसपी