अनपरा परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली चौथी, इसी क्षमता की अनपरा डी की पहली इकाई शनिवार की देर रात तकनीकी कारणों से ट्रिप कर गई। चौथी इकाई रविवार सुबह उत्पादन पर ले ली गई। अनपरा डी की इकाई उत्पादन पर आने में दो-तीन दिन लग सकता है। बढ़ती मांग के बावजूद लैंको में 469 मेगावाट की थर्मल बैकिंग करनी पड़ी।
अनपरा डी की पहली इकाई शनिवार की रात डेढ़ बजे के करीब ब्वायलर ट्यूब लीकेज के चलते ट्रिप कर गई। इसके कुछ देर बाद अनपरा परियोजना की चौथी इकाई तकनीकी कारणों से बंद हो गई। अभियंताओं ने कड़ी मशक्कत कर चौथी इकाई को रविवार सुबह सात बजे तक उत्पादन पर ले लिया। दोपहर तक पूर्ण क्षमता से उत्पादन शुरू हो गया। .
अनपरा डी की पहली इकाई को भी उत्पादन पर लेने के प्रयास हो रहे हैं। अनपरा के जीएम एके सिंह ने बताया कि चौथी इकाई उत्पादन पर ले ली गई है। ओबरा परियोजना के उत्पादन में भी गिरावट रही। पनकी, पारीक्षा, हरदुआगंज में उत्पादन की बेहतर स्थिति रही। उधर, बारह सौ मेगावाट वाली निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना में 469 मेगावाट उत्पादन घटाए रखा गया। इससे परियोजना का उत्पादन 731 मेगावाट के आसपास रहा।
लैंको यूनिट हेड एएम मिश्र ने बताया कि शक्ति भवन से मिले निर्देश पर थर्मल बैकिंग की जा रही है। समाचार दिए जाने तक राज्य की अनपरा परियोजना में 1375, अनपरा डी में 270, ओबरा में 270, पनकी में 125, पारीक्षा में 1122 और हरदुआगंज में 613 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी।