कुएं में पंप से पानी निकालने में जुटे लोग।
25 हजार से अधिक आबादी वाले बीजपुर पुनर्वास गांव में पेयजल को लेकर मची हायतौबा थमने का नाम नहीं ले रही है। कई बार ग्रामीण सड़क पर उतर चुके हैं। बावजूद जल निगम अभी आश्वासनों का ही घूंट पिला रहा है। रविवार को यहां स्थित कुओं में सबमर्सिबल पंप डालकर पानी उपलब्ध करने की जुगत लगाई गई लेकिन कोई खास कामयाबी नहीं मिली।
बृजकिशोर गुप्ता, इंद्रदेव सिंह, जुगुलकिशोर तिवारी, अमरावती, मीर हसन, बीडी यादव, मोहम्मद सलीम आदि का कहना था कि पुनर्वास प्रथम गांव में दो महानलकूप लगाए गए हैं, लेकिन दोनों करीब-करीब जवाब दे चुके हैं। पिछले दिनों कुओं के सफाई का अभियान चलाया गया था लेकिन उससे भी कोई विशेष राहत नहीं मिल पाई।
हालात को देखते हुए एसडीएम दुद्घी ने जल निगम के जेई को जरूरी पहल करने का निर्देश दिया था लेकिन राहत के नाम पर अब तक महज दो पानी के टैंकर उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन 25 हजार की आबादी के आगे यह अपर्याप्त साबित हो रहा है।
रविवार को प्रधान प्रतिनिधि अमित सिंह, ग्राम जल समिति के बृजकिशोर गुप्ता, सेक्रेटरी अरुण यादव आदि ने कुओं में सबमर्सिबल डालकर पानी संकट से निजात की जुगल लगाई लेकिन जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। उधर, जल निगम के जेई अब्दुल्ला का कहना था कि एक-दो दिन में एक्सईएन बीजपुर आ रहे हैं। उनसे विचार कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।