दुद्धी। एंटी करप्शन इकाई मिर्जापुर की टीम ने मंगलवार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते बिजली निगम के टीजी-2 कर्मचारी और संविदा लाइनमैन को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने 84 यूनिट बिजली का 60 हजार रुपये से ज्यादा की फर्जी बिलिंग कर दुकानदार को धमकाया और फिर सुधार करने के लिए 38 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। टीम ने दोनों को दुद्धी कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
दुद्धी कस्बा के श्री संकट मोचन मंदिर के एक कटरा में नीरज गुप्ता शृंगार एवं गिफ्ट कॉर्नर की दुकान है। नीरज के मुताबिक बिजली निगम के टेक्नीशियन ग्रेड-2 (टीजी-2) कर्मचारी जावेद अहमद और संविदा लाइनमैन अशोक कुमार भारती पिछले दिनों उसकी दुकान पर आए। कहा कि नीरज कुमार के नाम से बिजली कनेक्शन पर 60173 रुपये बिल बकाया है।
नीरज ने मीटर में महज 84 यूनिट बिजली खर्च होने की दलील दी तो दोनों स्मार्ट लगाने और पूरा बिल न जमा करने पर जेल जाने की धमकी दी। बाद में बिल सुधार के नाम पर 38 हजार रुपये की मांग रखी। परेशान नीरज ने तीन दिन पहले एंटी करप्शन की मिर्जापुर इकाई से संपर्क साधा।
उनके बताए अनुसार मंगलवार को रिश्वत के रूप में 30 हजार रुपये की पहली किश्त देने के लिए दोनों कर्मचारियों को दुकान पर बुलाया। एंटी करप्शन मिर्जापुर इकाई के निरीक्षक अशोक सिंह, अनिल चौरसिया के नेतृत्व में दस कर्मचारी दुकान के आसपास पहले से जमे थे।
दोपहर में जैसे ही जावेद और अशोक ने रुपये थामे, टीम ने उन्हें दबोच लिया। दोनों के हाथ पानी से धुलवाए गए तो नोटों में लगे केमिकल की वजह से उनके हाथ लाल हो गए। टीम दोनों को पकड़ कर रजखड़ स्थित दुद्धी कोतवाली लाई। यहां पूछताछ के बाद दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
पूरी कार्रवाई के दौरान प्रशासन की ओर से प्रत्यक्षदर्शी के रूप में डीआईओएस जयराम सिंह और रेशम विभाग के उप निदेशक रामजतन राम भी मौजूद रहे। कोतवाली प्रभारी सुरेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि एंटी करप्शन निरीक्षक अनिल कुमार चौरसिया की तहरीर पर चंदौली जिले के गोधना निवासी जावेद अहमद और मिर्जापुर के चुनार निवासी अशोक भारती के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।