सोनभद्र। जिले के चाेपन ब्लॉक में विजुल नदी पर दो पुलों का निर्माण कराया जाएगा। करीब 47 करोड़ से दोनों पुल बनने से आदिवासी क्षेत्र के 25 से ज्यादा गांवों की डेढ़ लाख की आबादी को सहूलियत होगी।
पहला पुल चोपन ब्लॉक के बैरपुर-कनहरा के बीच और दूसरा पुल करवनिया-टापू के बीच निर्माण कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सेतु निगम को सौंपी गई है।
समाज कल्याण राज्यमंत्री एवं ओबरा विधायक संजीव गोंड की तरफ से चोपन ब्लाॅक के बैरपुर-कनहरा और करवनिया से टापू मार्ग पर विजुल नदी पर पुल निर्माण के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से दोनों पुल निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।
पुल निर्माण की जिम्मेदारी सेतु निगम को सौंपी गई है। संजीव गोंड ने बताया कि ओबरा विधानसभा क्षेत्र के चोपन ब्लाक के ग्राम पंचायत बैरपुर से कनहरा मार्ग पर विजुल नदी पर 24.20 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया जाएगा। पुल के दोनों तरफ 200 मीटर अतिरिक्त पहुंच मार्ग का निर्माण भी कराया जाएगा।
इस पुल के निर्माण से नदहरी, सागरदह, सेमरतर, बैरपुर, कनहरा आदि गांवों की एक लाख से अधिक आबादी लाभान्वित होगी। यही नहीं यह पुल मध्य प्रदेश की सीमा को भी जोड़ेगा। इसके साथ ही करवनिया से टापू मार्ग पर 23.25 करोड़ से लागत से पुल का निर्माण होगा।
इस पुल के बन जाने से खरहरा, जुगैल, पादीडांड समेत कई गांवों के 75 हजार से अधिक आबादी वाले लोग लाभान्वित होंगे।
दोनों पुलों के निर्माण से जिला मुख्यालय व मध्य प्रदेश समेत ग्रामीण अंचलों में स्कूल, अस्पताल, तहसील आदि स्थानों का सफर आसान हो जाएगा। समय की भी बचत होगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में सहायक साबित होगा।