नगवां ब्लाक के करीब चार दर्जन से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार की सुबह दूबेपुर सब स्टेशन पहुंचकर वहां मौजूद दो बिजलीकर्मियों को बंधक बना लिया।
बिजली विभाग के एक्सईएन हवलदार रावत के फोन पर शीघ्र बिजली आपूर्ति बहाल कराए जाने के आश्वासन पर करीब चार घंटे बाद ग्रामीणों ने कर्मचारियों को छोड़ा।
बता दें कि दूबेपुर विद्युत सब स्टेशन से करीब चार दर्जन से भी अधिक गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। इसमें रायपुर, मांची थाना, सूअरसोत, सरईगढ़ चौकी, नगवां ब्लाक, वैनी और खलियारी अस्पताल भी शामिल हैं।
इसके अलावां वैनी, दूबेपुर, नगांव, पौनी, तेलाड़ी, सेमरिया, कम्हरिया, झरना, डोरिया, चरगड़ा, मड़पा, कजियारी गांवों में तीन दिन पूर्व आई आंधी-पानी के बाद से ही बिजली आपूर्ति ठप है।
क्षेत्रीय नागरिकों के सूचना देने के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। गर्मी में लगातार बिजली कटौती से बिलबिलाए लोग शुक्रवार की सुबह पांच बजे ही दूबेपुर सब स्टेशन जा पहुंचे और वहां मौजूद बिजलीकर्मियों रियाज अली और अखिलेश को बंधक बना लिया।
ग्रामीण राजेश सिंह, गोपाल सिंह और हसनैन अली ने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से तीन दिनों से अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
श्यामू, रामवचन यादव और रमेश ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जहां एक तरफ शासन-प्रशासन की ओर से विशेष ध्यान दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में सुनील, हीरालाल, इरफान, दुक्खी, प्रेम, वेचन, अल्ताफ, सेराज आदि शामिल रहे।