दुद्धी। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के सपनों के स्विट्जरलैंड यानी सोनभद्र के पर्यटन को अब पंख लगेंगे। यहां प्राकृतिक वादियों के साथ-साथ रिहंद डैम से हवाई जहाज उड़ान भरता नजर आएगा। इसके लिए जो कवायद शुरू हुई है उसपर तहसील प्रशासन ने रिपोर्ट भी बनाकर शासन को भेज दिया है। रिहंद और ओबरा डैम में एक-एक एयरोड्रम बनाए जाएंगे। यहां से सीधे सीप्लेन ऑपरेशन से गंगा को जोड़ा जाएगा। इससे वाराणसी आने वाले विदेशी पर्यटकों को सोनभद्र की ओर से घुमाया जा सकेगा।
तहसील प्रशासन के अनुसार सीप्लेन ऑपरेशन के रूप में आवागमन की सुविधा विकसित करने के लिए नागर विमानन मंत्रालय के पत्र को शासन स्तर से जिले में भेजा गया था। साथ ही रिहंद और ओबरा डैम में एयरोड्रम बनाकर प्रस्ताव देने के लिए कहा गया। इस पर काम करते हुए दोनों जलाशयों में एक-एक एयरोड्रम बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया गया है। अब वहीं से जो निर्णय होगा उसी के अनुसार काम होगा। कुल नौ बिंदुओं पर जांच करते हुए जलाशयों में साइट के चयन की आख्या भेजी गई है। दुद्धी के उप जिलाधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में पत्र मिला था। दोनों जलाशयों में एयरोड्रम बनाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। इससे सीप्लेन के जरिए गंगा नदी को सीधे सोनभद्र से जोड़ा जाएगा।
1160 मीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा होगा एयरोड्रम
रिहंद बांध ( गोविंद वल्लभ पंत सागर ) में वाटर एयरोड्रम के लिए स्थान का चयन किया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इसके लिए डैम के एक किनारे पर 1.8 एकड़ के प्लॉट का चयन किया गया है। इस किनारे से मार्ग बनाकर जल सागर से विमान को उड़ान भरने और उतरने के लिए 1160 मीटर लंबा व 120 मीटर चौड़ा पानी मे तैरता हुआ एरोड्रम बनाया जाएगा।