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मंत्रोचार के साथ पूजी गई माता ब्रम्हचारिणी

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राबर्ट्सगंज शीतला माता मंदिर में पूजन अर्चन करते लोग। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन बुधवार को या देवी सर्वेभूतेषु सृष्टि रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम: मंत्र के साथ भक्तों ने मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप माता ब्रम्हचारिणी की पूजा-अर्चना की। कोराना महामारी पर आस्था भारी पड़ी। प्रसिद्व मंदिरों में श्रद्वालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिर परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मियों ने सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराते हुए भक्तों को कतारबद्ध कराकर दशर्न-पूजन कराया। श्रद्धालुओं ने मां ब्रम्हचारिणी से कोराना महामारी से देशवासियों को सुरक्षित रखने की मांग की।
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सुबह पांच बजे से ही राबर्ट्सगंज नगर में स्थित शीतला मंदिर, सातो शीतला मंदिर, कड़े शीतला मंदिर, दंडइत बाबा मंदिर परिसर मेें स्थित मां काली समेत अन्य देवी मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोचार के साथ पूजन-अर्चन कर मंदिरों का कपाट खोला। इसके बाद श्रद्वालुओं ने माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाना शुरू किए। पूरे दिन मंदिरों में पूजन-अर्चन करने का सिलसिला जारी रहा। उधर, बरकरा स्थित काली शक्तिपीठ धाम में भी श्रद्धालुओं ने मत्था टेक माता रानी से कोरोना महामारी से पूरे विश्व को सुरक्षित रखने की मांग की। डाला के बारी में स्थित वैष्णो मंदिर में जिले के अलावा मिर्जापुर, वाराणसी और पड़ोसी प्रांतों से भी श्रद्धालु मां का दर्शन-पूजन करने के लिए पहुंचे थे। यहां भी भीड़ लगी रही। उधर नेवारी में मां कुंडवासिनी देवी और अमिला देवी के धाम में भी भक्तों का रेला उमड़ पड़ा था। मंत्रोचार से आसपास का गुंजयमान हो उठा था। रामगढ़ में स्थित काली मंदिर, नेवारी में शीतला मंदिर धाम में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दुद्वी प्रतिनिधि के मुताबिक दुद्वी कस्बे में स्थित प्राचीन माँ काली मंदिर में सुबह से ही घंटा घड़ियाल गूंजने लगे थे। श्रद्धालुओं ने प्राचीन नीम के पेड़ के नीचे विराजमान मां शीतला का पूजन अर्चन किया।
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