ओबरा (सोनभद्र)। ओबरा कोतवाली क्षेत्र में खनिज भंडारण के नाम पर जारी होने वाले परमिटों की आड़ में फर्जीवाड़े के आरोपियों को ओबरा पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। दाेनों वाराणसी के निवासी हैं। पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट के लिए चालान कर दिया गया।
उर्मिला स्टोन क्रसिंग कंपनी की संचालिका ओबरा निवासी उर्मिला सिंह ने फर्जीवाड़े को लेकर ओबरा कोतवाली में केस दर्ज कराया था। बताया था कि उनके पक्ष में ओबरा तहसील के बिल्ली मारकुंडी में खनिज लाइसेंस स्वीकृत है। उसी की अनुज्ञप्ति से ट्रक व मालवाहक वाहनों को उपखनिज गिट्टी के परिवहन के लिए परमिट खनिज पोर्टल से जनित कर उपलब्ध कराता है। पिछले दिनों खान विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि उनके नाम से 30 अक्तूबर को जारी ई-फार्म सी जांच फर्जी पाया गया है। जब फर्म स्तर पर ई फ़ार्म-सी की जांच की गई तो पता चला कि मूल ई फ़ार्म-सी और फर्जी फार्म-सी दोनों के तारीख और समय अलग-अलग हैं। दोनों अलग-अलग वाहनों को जारी किए गए हैं। उन्होंने जालसाजों पर फर्जी तरीके से अवैध फ़ार्म-सी में छेड़छाड़ कर जाली पत्र बनाने का आरोप लगाया था। मामले में ओबरा प्रभारी निरीक्षक देवीवर शुक्ला ने बताया कि सोमवार को सुदामा पाठक तिराहा से वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के रामचन्नीपुर निवासी गुड्डू कुमार व रैमला अमौली निवासी बृजेश यादव को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है।