फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले में नहीं हैं नलकूप, कैसे होगी सिंचाई

Thu, 02 Jun 2016 09:58 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
विज्ञापन
विज्ञापन
 प्रदेश सरकार को सर्वाधिक राजस्व देने वाले सोनभद्र जिले में एक भी राजकीय नलकूप नहीं है। हालांकि चार दिन पूर्व राबट्र्सगंज व घोरावल ब्लॉक के पांच गांवों में लखनऊ से आए भूगर्भ शास्त्री नरेश अवस्थी के नेतृत्व मेें चार सदस्यीय टीम ने नलकूप लगाने के लिए स्थलीय निरीक्षण किया और सैंपल अपने साथ ले गई।
विज्ञापन



बता दें कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किसानों के हित में कई जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन नक्सल प्रभावित इस जिले किसानों की समस्या को दूर करने के लिए अभी तक एक भी राजकीय नलकूप नहीं लगाए गए हैं। जबकि प्रतिमाह इस जनपद से सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व जाता है। पिछले कई वर्षों से कम बारिश होने व सिंचाई की समुचित व्यवस्था न होने से अनाज का पैदावार कम हो रहा है। हालांकि किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए 30 मई, 2016 को शासन के निर्देश पर दो दिवसीय दौरे पर जिले में आए भूगर्भ शास्त्री नरेश अवस्थी, मिर्जापुर सिंचाई विभाग नलकूप के एक्सईएन भूपेंद्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता एएस खान और अवर अभियंता राजकुमार ने अमौली, भड़ऱा, शिवद्वार, सोतिल और कोहरथा गांव में नलकूप लगाने के लिए निरीक्षण कर वहां से सैंपल लिया। इस दौरान भूगर्भ शास्त्री नरेश अवस्थी का कहना था कि लैब में सैंपल की जांच करने पर पानी स्रोत का पता लगाया जाएगा।

एक नलकूप लगाने में 20 से 25 लाख रुपये खर्च होंगे। 
वर्ष 2014 में घोरावल विधायक रमेश चंद्र दूबे ने सीएम से 15 नलकूप लगाए जाने की मांग की थी। लेकिन शासन ने सर्वप्रथम पांच गांवों में नलकूप लगाने के लिए सर्वे कराया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी राजीव भारती ने बताया कि एक नलकूप से 50 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होगी। इससे किसानों की काफी हद तक समस्याएं दूर होगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें