डाला से बीजपुर और शक्तिनगर तक बिना परमिट बालू परिवहन के खिलाफ ऊर्जांचल ट्रक आपरेटर्स एसोसिएशन ने ताल ठोंक दी है। रविवार को अनपरा-शक्तिनगर मार्ग स्थित रेलवे पुल के पास ट्रक संचालकों ने प्रदर्शन कर आवाज उठाई।
कहा कि खनिज और पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से हर रोज लाखों की रायल्टी गड़प ली जा रही है। अंकुश नहीं लगा तो ट्रक संचालक डाला, तेलगुड़वा, हाथीनाला स्थित खनिज बैरियरों पर धरना देने को बाध्य होंगे।
एसोसिएशन अध्यक्ष आद्या प्रसाद मिश्रा का कहना था कि एक तरफ आठ सौ फीट बालू का परमिट लेने पर करीब आठ हजार वीआईपी और छह से सात हजार रुपये लोडिंग एवं बालू का लिया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ बिना परमिट बालू परिवहन को बढ़ावा देकर सरकारी राजस्व को चूना लगा जेबें भरी जा रही हैं। विरोध पर परमिट लेकर चलने वालों को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है।
तेलगुड़वा, हाथीनाला, मुर्धवा में पुलिस जबरिया इंट्री वसूल रही है। एतराज पर परमिट छिन लिया जा रहा है। वहीं चंद हजार रुपये मासिक इंट्री के एवज में पूरे माह बिना परमिट बालू परिवहन की छूट दे दी जा रही है।
भगवंती यादव, मुकेश का कहना था कि इसके चलते परमिट वाली बालू महंगी पड़ रही है और बिना परमिट बालू दस हजार तक सस्ती पड़ रही है।
इससे उनके समक्ष ट्रकों का संचालन बंद करने की नौबत आ गई है। राजकुमार, अरूण कुमार ने कहा कि तेलगुड़वा से बीजपुर, शक्तिनगर तक कई जगह खनिज और पुलिसकर्मी जबरिया इंट्री वसूल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक परमिट का समय 48 घंटे का होता है, इसका भी फायदा उठाकर एक परमिट की आड़ में चार चक्कर लगवाया जा रहा है।
संतोष, राजेश कुमार ने कहा कि चूंकि बिना परमिट बालू सस्ती पड़ रही है, इसलिए उन लोगों को आपूर्ति का आर्डर ही नहीं मिल पा रहा है। इससे उनके समक्ष फाकाकशी की नौबत आ गई है।
सुरेंद्र मिश्रा और अनिल ने कहा कि वीआईपी टैक्स के साथ ही बिना परमिट बालू परिवहन और पुलिस की इंट्री पर जल्द प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो वह लोग डाला, तेलगुड़वा और हाथीनाला स्थित खनिज चौकी पर प्रदर्शन करेंगे।