मारकुंडी टोल प्लाजा के सामने रविवार को प्रदर्शन करते मोटर मालिक और ट्रक चालक।
यूपी सरकार द्वारा ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध से गाड़िया जहां-तहां खड़ी हो गई हैं। गिट्टी-बालू लादे ट्रक टोल प्लाजा तक पार नहीं कर पा रहे। इससे क्षुब्ध होकर ट्रक संचालक रविवार को सड़क पर आ गए। संचालकों ने प्लाजा पर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन पर ओवरलोड की आड़ में ट्रक चालकों, मालिकों के शोषण का आरोप लगाया।
प्रदर्शन कर रहे मालिकों का कहना था कि जिला प्रशासन की दोहरी नीति से बेवजह ट्रक मालिक मारे जा रहे। लोगों ने मांग किया कि पहले टोल प्लाजा के पीछे खड़े ट्रकों को छोड़ा जाय। ट्रक मालिक देवेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि ट्रक मालिकों से पहले ओवरलोड चलाने के लिए इंट्री के नाम पर पैसा लिया गया। फिर अचानक बगैर ट्रक मालिकों को सूचना दिए 13 जुलाई को इंट्री कैंसिल कर ओवरलोड ट्रकों को पकड़ना शुरू कर दिया। यह गलत है। उन्होंने कहा कि ओवरलोड संचालन के लिए इंट्री लेने वाले आखिरकार ट्रक संचालकों का उत्पीड़न क्यों कर रहे। यह बंद किया जाना चाहिए।
आद्या पांडे ने कहा यदि जिला प्रशासन वास्तव में ट्रकों को अंडर लोड चलाना चाहता है तो क्रेशर और खदान से ही निर्धारित लोडिंग कराये। लेकिन चार दिन से बेवजह खड़े ट्रकों को पहले छोड़ा जाय। राजू चौबे ने कहा की ओवरलोड बंद करने के पहले एआरटीओ ने ट्रक मालिकों को सूचना क्यों नही दी। अचानक ट्रकों को पकड़ना शुरू करके ट्रक मालिकों का शोषण ही किया जा रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि उत्पीड़न नहीं बंद किया गया तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। इस मौके पर वीरेंद्र यादव, सोनू दूबे, डबलू,अनिल पटेल, आशीष चौबे, राजू, बल्लू यादव, एहसान खान, हर्षवर्धन सिंह, राजेश पटेल, अवधेश यादव, रामधनी यादव आिद मौजूद रहे।