घाघर बैराज से जुड़े कर्मचारियों की लापरवाही शनिवार की दोपहर में खुलकर सामने आ गई। कर्मचारियों ने बगैर किसी को कोई जानकारी दिए बैराज से पानी छोड़ दिया। इससे घाघर नदी में पानी का बहाव तेज हो गया। इस दौरान नदी के हिस्से में गाय चराने गया बालक विकास (8) पुत्र लाल बहादुर निवासी मारकुंडी पनिकिनिया बस्ती बह गया। कुछ दूर उसका शव मिला। परिवार वालों ने पुलिस को जानकारी दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
सदर ब्लॉक के मारकुंडी ग्राम पंचायत में घाघर नदी है। यह नदी आगे जाकर सोन नदी से मिलती है। नदी में पानी आने पर आसपास की बस्तियों के लोग नदी में ही नहाते और कपड़ा साफ करते हैं। शनिवार की दोपहर में भी लोग रोज की तरह नहाने, कपड़ा धोने गए थे। कम पानी होने के नाते छोटे बच्चे भी नदी के सूखे हिस्से में खेल रहे थे और कुछ गाय चरा रहे थे। इसी दौरान घाघर बैराज से जुड़े कर्मचारियों ने अचानक फाटक खोल दिया। इससे अचानक घाघर नदी में पानी बहाव तेज हो गया और नहा और कपड़ा धो रहे लोग जान बचाकर भागने लगे।
पानी के तेज बहाल में कुछ लोगों के कपड़े आदि भी बह गए। इसी बीच पनिकिनिया बस्ती का विकास पुत्र लाल बहादुर जो नदी के सूखे हिस्से में गाय चरा रहा था वह भी पानी के तेज बहाव में बह गया। यह देख वहां मौजूद दूसरे बच्चे भागकर घर लौटे और पूरे मामले की जानकारी विकास के परिवार वालों को दी। इस पर परिवार वालों के साथ ही आसपास के लोग घाघर नदी में पहुंच गए और उसकी तलाश शुरू कर दी।
करीब आधा किमी दूर जाने पर उसका शव एक पत्थर के पास पानी में उतराया मिला। इस पर परिवार वालों ने उसे नदी से बाहर निकाला। उसके पिता का कहना था कि बालक के सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से परिवार वालों में कोहराम मच गया। सूचना पर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। परिवार वालों ने पुुलिस को जानकारी दिए बगैर बालक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बैराज कर्मियों की इस लापरवाही से मौत को लेकर ग्रामीणों में असंतोष की स्थिति है।