राज्य सेक्टर की सूबे की सबसे बड़ी 1630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना की शनिवार की सुबह 210 मेगावाट वाली पहली और पांच सौ मेगावाट वाली पांचवीं इकाई ब्वायलर ट्यूब लीकेज के चलते ट्रिप कर गई। इससे परियोजना का उत्पादन गिरकर सात सौ मेगावाट के करीब पहुंच गया। 210 मेगावाट वाली दूसरी इकाई भी ओवरहालिंग में चल रही है। दो से तीन दिन में तीनों इकाइयों के उत्पादन पर आने की उम्मीद है।
पांचवीं इकाई को ब्वायलर निरीक्षण के लिए शनिवार रात बंद किया जाना था लेकिन इससे पहले सुबह पांच बजे ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण इकाई ट्रिप कर गई। पहली इकाई का भी ब्वायलर ट्यूब लीकेज कर गया। इससे यह इकाई भी बंद हो गई।
सीजीएम अनपरा इं. त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि पहली इकाई रात में लाइटअप कर उत्पादन पर ले ली जाएगा। जबकि 15 फरवरी को पांचवीं और दूसरी इकाई का ब्वायलर निरीक्षण पूरा होने के बाद उन्हें उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
राज्य सेक्टर के ऊर्जा उत्पादन में नौ सौ मेगावाट की कमी आने के बाद भी पनकी परियोजना में विद्युत उत्पादन शून्य बना रहा। 85 मेगावाट की थर्मल बैकिंग भी बनाए रखी गई। देर शाम तक अनपरा में 682, ओबरा में 472, पारीक्षा में 867 और हरदुआगंज में 594 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।