रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि 15 मई को अपर आयुक्त ग्रेड वन द्वारा राबर्ट्सगंज और मिर्जापुर दौरे के दौरान व्यापारियों ने खुले मंच से सुदामा पासवान के कामकाज की शिकायत की थी। व्यापारियों ने कहा था कि सुदामा पासवान बिना पैसा लिए काम नहीं करते हैं।
निरीक्षण के दौरान सुदामा बिना सूचना के ऑफिस से गायब पाया गया। पूछताछ में पता चला कि बिना अवकाश स्वीकृत कराए ही वह कई दिनों से गायब है। इस पर पांच जून को सुदामा का ट्रांसफर भदोही कर कर दिया गया था, लेकिन 15 दिन के अंदर ही रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिए गए।