इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में आयुष, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक चिकित्सा विधि से लोगों को क्या-क्या लाभ होते हैं और किन-किन बीमारियों का बेहतर इलाज होता है। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर कैंप लगाकर जन मानस के बीच में किया जाए। आयुर्वेदिक-आयुष चिकित्सालयों के पास हर्बल गार्डेन स्थापित किया जाए।
समीक्षा के दौरान निजी चिकित्सालयों के नोडल अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राइवेट अस्पतालों का रोस्टर बनाकर निरीक्षण किया जाए और उसकी मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिन अस्पतालों में मौके पर डाॅक्टर उपलब्ध न हो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय, सीएचसी-पीएचसी पर मरीजों को दवा अस्पताल परिसर से उपलब्ध कराई जाए। बाहर की दवा मरीजों को न लिखी जाए।
उन्होंने कहा कि आरबीएसके टीम के भ्रमण की माॅनिटरिंग नियमित रूप से की जाए। सीएचसी व पीएचसी पर रैंडम आधार पर निरीक्षण किया जाए। बैठक में सीडीओ जागृति अवस्थी, सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, डीपीआरओ नमिता शरण, डीपीओ विनीत सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।