शक्तिनगर सीमा से सटे मप्र के सिंगरौली में छह दिन पहले टाइगर रिजर्व से भटक कर पहुंची बाघिन की मौत हो गई। वन विभाग की पांच टीमें पिछले छह दिन से उसकी निगरानी कर रही थीं। बाघिन के गले में लगी कालर आईडी से उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी।
पिछले तीन दिन से एक ही जगह बाघिन की लोकेशन मिल रही थी। वन परिक्षेत्र माड़ा के बीट रौंदी जंगल में सोमवार की रात बाघिन का शव मिला। बाघिन की मौत किन परिस्थितियों में और कैसे हुई यह जानने के लिए डीएफओ, एसडीओ और विशेषज्ञ समिति जुट गई है।
बीते बुधवार की रात बाघिन की दस्तक से क्षेत्र के कई गांंवों में दहशत फैल गई थी। सिंगरौली के पड़ोसी जिले सीधी में स्थित संजय गांधी टाइगर रिजर्व दुबरी के भूईमाड़ रेंज के रास्ते बाघिन माड़ा परिक्षेत्र के डोंगरी व लंघाडोल क्षेत्र में पहुंची थी।
इसके बाद वन रेंजर माड़ा ने टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को जानकारी दी और पांच टीमें गठित कर मॉनिटरिंग शुरू कराई। अंतिम बार उसकी लोकेशन तीन दिन पहले रौंदी बीट में मिली थी। इसके बाद से कोई मूवमेंट नहीं था।
टाइगर रिजर्व क्षेत्र भटक कर आई मादा बाघ का शव रौंदी बीट में मिला है। मौत की असल वजह को जानने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया है। जल्द सब कुछ साफ हो जाएगा।
-एनके त्रिपाठी, एसडीओ फारेस्ट, सिंगरौली।