बाघ की लगातार दहाड़ से यह इलाका थर्रा उठा है। सूचना मिलते ही वन विभाग व पुलिस की टीम इलाके में पहुंची और लोगों को सतर्क किया। अंबिकापुर-वाराणसी मार्ग गुजरने वाले लोगों को जहां सुरक्षित निकाला जा रहा है, वहीं ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी जा रही है। सीमावर्ती इलाकों आसनडीह, रंदह, झनकपुर, सागसोती में भी ग्रामीणों में दहशत बना हुआ है।
वाड्रफनगर परिक्षेत्र के वन क्षेत्राधिकारी उत्तम मिश्रा ने कहा कि खरहरा नाला के इस पार मंगलवार शाम को बाघ देखा गया था। बुधवार सुबह नाले के बगल में पनसरा के जंगल में विचरण करते हुए बाघ को देखा गया। टीम लगातार बाघ पर नजर बनाए है। बाघ ने मंगलवार को एक जंगली भालू का शिकार किया था।