तापीय परियोजना ओबरा बी की 200 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयां रविवार को तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गईं। जिससे बिजली उत्पादन लुढ़क गया। 200 मेगावाट क्षमता की 12 वीं इकाई रविवार की सुबह 7. 15 बजे आई तकनीकी खराबी के कारण ट्रिप हो गई।
अभियंता खराबी को सही करने का प्रयास कर ही रहे थे कि 10 बजकर 51 मिनट पर नौवीं इकाई बंद हो गई। उधर, शाम 6 बजकर 12 मिनट पर परियोजना की 13 वीं इकाई भी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई।
तीन इकाइयों के बंद होने से प्रदेश के कई हिस्सों में आपात बिजली कटौती करनी पड़ी। देर शाम तक अभियंताओं की टीम खराबी को दूर कर उन्हें जल्द लाइटअप करने के प्रयास में जुटी रहीं। वहीं बीटीपीएस की 10 वीं इकाई से 137 व 11 वीं इकाई से 103 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।
ओबरा जल विद्युत की तीनों इकाइयों को चलाकर 87 मेगावाट और रिहंद जल विद्युत की पांच इकाइयों से 250 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा था।
इस संबंध में मुख्य महाप्रवंधक इं. आरके अग्रवाल ने बताया कि बारिश में गीला कोयला आने की वजह से तकनीकी खराबी आ रही है। जिससे तीन इकाइयां ट्रिप हुई है। बंद इकाइयों से बिजली उत्पादन शुरू करने के लिए कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।