अनपरा। बारिश के बाद बढ़ती उमस के कारण बिजली की मांग 29 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पीकआवर में अनपरा की तीन और एमईआईएल की एक इकाई ने क्षमता से अधिक उत्पादन किया।
इस बार बिजली की मांग मई माह के अंत में ही 29 हजार मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई है। बिजली की बढ़ती मांग के बीच निगम प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाली अनपरा तापीय परियोजना की इकाइयों को पूर्ण क्षमता से संचालित करा रहा है। साथ ही रिहंद व ओबरा की इकाइयों से भी उत्पादन कराया जा रहा है। पीकऑवर में अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की पांचवीं और छठवीं इकाई से 502 मेगावाट और सातवीं इकाई से 500 मेगावाट का रिकाॅर्ड उत्पादन किया। निजी क्षेत्र ही एमईआईएल समूह की अनपरा एनर्जी लिमिटेड की 600 मेगावाट की दूसरी इकाई ने 600 मेगावाट का रिकाॅर्ड उत्पादन किया। रिहंद हाइड्रो से 50 मेगावाट, ओबरा हाइड्रो से 60 मेगावाट और खारा जल विद्युत इकाइयों से 46 मेगावाट का उत्पादन हुआ। पीकऑवर में बिजली की अधिकतम मांग 29084 मेगावाट और न्यूनतम मांग 18167 मेगावाट रहा।