नोटबंदी के करीब 38 दिन बीतने के बावजूद बैंकों में अभी भी रुपये की किल्लत बरकरार है। ठंड में बैंकों के बाहर लोगों को लाइन लगानी पड़ रही। अधिकांश बैंकोें में गुरुवार को तीन हजार से अधिक नहीं मिला। जिले में 54 एटीएम है। लेकिन इनमें से अधिकांश एटीएम में रुपये नदारद रहे।
राबर्ट्सगंज नगर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, सिंडिकेट बैंक समेत अन्य बैंकों में रुपये निकालने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। अधिकांश बैंकों में करेंसी कम थी। इसलिए बैंक कर्मियों ने लोगों को दो-तीन हजार रुपये ही दिया। दुद्धी संवादाता के अनुसार क्षेत्रीय बैंकों में कैश की किल्लत होने का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। भारतीय स्टेट बैंक दुद्धी में सुबह नौ बजे से ही लोग लाइन में लगे थे। बैंक प्रशासन ने लोगाें को बताया कि कैश नहीं है तो निराश हो गए।
बैंक प्रबंधक एके वाष्नेय ने बताया कि शाम तक कैश आने की उम्मीद है। बैंक ऑफ़ बड़ौदा में लोगों को जरूरत के अनुसार पैसे दिए गए। इलाहाबाद बैंक शाखा अमवार से लोगों को 24 हजार तक मिले। बैंक ऑफ़ बड़ौदा के अलावा समस्त बैंक के एटीएम शो पीस बने रहे। इससे लोग रुपये निकालने के लिए इस एटीएम से उस एटीएम का चक्कर काटते रहे। चोपन, मधुपुर, शाहगंज, घोरावल, रामगढ़, ओबरा, रेणुकूट, बभनी, म्योरपुर, कोन, मारकुंडी, विण्ढमगंज समेत अन्य ग्रामीण इलाकों के बैंकों में करेंसी की कमी होने का खामियाजा लोगों केा उठाना पड़ रहा हैै।
लीड बैंक के मैनेजर करूणेश कुलश्रेष्ट का कहना है कि सोमवार तक जिले में पर्याप्त करेंसी के आने की उम्मीद है। आरबीआई को बैंकाें में रुपये की कमी होने से लोगों को हो दिक्कतों के बारे मेें अवगत कराते हुए तत्काल पर्याप्त करेंसी उपलब्ध कराने की मांग की गई हैै।