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Sonebhadra News: ओडिशा से मिर्जापुर ला रहे थे गांजा, तीन तस्कर गिरफ्तार

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गांजा तस्करी में गिरफ्तार आरोपी। स्त्रोत:पुलिस
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ओडिशा से गांजा लेकर मिर्जापुर जा रहे तीन अंतरराज्यीय तस्करों बारीक़, रविंद्र नायक और मोहम्मद दानिश क़ो सोनभद्र पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात गिरफ्तार किया। करमा थाना और एसओजी की संयुक्त टीम क़ो करनवाह गांव के पास चेकिंग के दौरान यह सफलता मिली। तस्करों के कब्जे से बरामद 118.6 किलो गांजे की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल महिंद्रा एक्सयूवी-500 और ब्रेजा कार, पांच मोबाइल फोन और 8280 रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 95 लाख रुपये है।
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एएसपी ऋषभ रूणवाल ने शुक्रवार क़ो पुलिस लाइन सभागार में मीडिया क़ो बताया कि बृहस्पतिवार की रात करमा थाना प्रभारी कमलेश पाल और एसओजी प्रभारी राम स्वरूप वर्मा के नेतृत्व में संयुक्त टीम करनवाह गांव जाने वाले तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान हिंदुआरी की ओर से आ रही दो संदिग्ध कारें पुलिस को देखकर करीब 50 मीटर पहले ही मुड़कर भागने लगीं। संदेह होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर रात करीब 11:15 बजे दोनों वाहनों को रोक लिया। तलाशी के दौरान एक्सयूवी के पिछले हिस्से में स्टेपनी के नीचे और ब्रेजा कार के पीछे व बीच के हिस्से में टेप से लिपटे छोटे-छोटे पैकेट मिले। जांच में उनमें गांजा होने की पुष्टि हुई। वाहनों में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गिरफ्तार आरोपी ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के निवासी हैं। उनकी पहचान विश्वजीत बारीक़, रविंद्र नायक और मोहम्मद दानिश के रूप में हुई। आरोपियों के खिलाफ करमा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गांजा तस्करी में शामिल अन्य लोगों, आपूर्ति के स्रोत और संभावित खरीदारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
खेप पहुंचाने के बदले मिलने थे 15-15 हजार रुपये
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे सुंदरगढ़ (ओडिशा) निवासी एक व्यक्ति के कहने पर गांजा लेकर मिर्जापुर में बताए गए व्यक्तियों को सौंपने जा रहे थे। गांजा एवं वाहनों की व्यवस्था उसी व्यक्ति ने की थी। गांजा पहुंचाने के बदले प्रत्येक व्यक्ति को 15000-15000 रुपये मिलने थे। वह पूर्व में भी इस तरह गांजा पहुंचा चुके हैं। इस बार रास्ते के खर्च के लिए कुछ धनराशि दी गई थी। पुलिस चेकिंग की आशंका के कारण वे अपने वाहनों को वापस मोड़कर चोपन की ओर चले गए थे। बाद में दोबारा मिर्जापुर जाने के दौरान पुलिस ने पकड़ लिया।
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