जिला अस्पताल में भर्ती डायरियां पीड़ित मरीज।
थाना क्षेत्र के रैपुरा गांव में पिछले 48 घंटे के दौरान डायरिया की चपेट में आने से बलवंत (10), सविता (28) और लचिया (65) की मौत हो गई। जबकि 24 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। जिला अस्पताल और गांव में रोगियों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने गांव में शिविर लगाया है। उधर, चोपन ब्लॉक के कोटा और जुगैल गांव में शुक्रवार को उल्टी-दस्त की चपेट में आने से 12 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए। सदर एसडीएम अशोक सिंह ने सीएमओ से वार्ता कर स्वास्थ्य टीमों को भिजवाया।
बुधवार की शाम रैपुरा गांव में लोगों को अचानक उल्टी-दस्त शुरू हो गया। गुरुवार की सुबह कई लोगों की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में पीड़ितों को जिला अस्पताल ले गए। इस दौरान बलवंत की मौत हो गई, इससे हड़कंप मच गया। देर रात कई की हालत बिगड़ने पर एंबुलेंस से उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां रात करीब एक बजे उपचार के दौरान सविता (28) पत्नी मंगरू की मौत हो गई। वहीं शुक्रवार की सुबह करीब नौ बजे अस्पताल पहुंचते ही लचिया (65) पत्नी मिश्री की मौत हो गई।
यहां से घरवाले शवों का बिना पोस्टमार्टम कराए लेकर अपने घर लौट गए। अस्पताल में डायरिया से पीड़ितों का इलाज चल रहा है। उधर सीएमओ के निर्देश पर रैपुरा में डा. एसके चतुर्वेदी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ करीब 15 रोगियों का इलाज कर रहे हैं। सीएमओ डा. आरबी गौतम का कहना है कि गांव के एक हैंडपंप के दूषित पानी का सेवन करने लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। डायरिया से बलवंत के मौत होने की सूचना है। लचिया की मौत स्वाभाविक रूप से हुई है। सविता के मौत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।