ओबरा डैम का जलस्तर शुक्रवार की सुबह तेजी से बढ़ जाने के कारण एक फाटक खोलकर वाटर लेवल को नियंत्रित किया गया। ओबरा बांध खंड के अधिशासी अभियंता डीके सिंह के निर्देशन में सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर बांध के फाटक नंबर आठ को पांच फीट खोलकर पानी बहाया जा रहा था। वहीं टरबाइन चलाकर तथा गेट के द्वारा कुल 16 हजार क्यूसेक पानी निकाल कर लेवल को नियंत्रित किया जा रहा था।
अचानक रेणु नदी पानी के आए तेज बहाव से तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने बताया कि पानी के लेवल पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकतानुसार फाटक को और खोला अथवा बंद किया जा सकता है। समाचार दिए जाने तक ओबरा डैम के चार फाटकों को 10 फीट खोलकर करीब 50 हजार क्यूसेक पानी बहाया जा रहा है। वहीं रिहंद डैम की स्थिति को देखते हुए आगे और फाटक खोले जाने की संभावना बनी हुई है।
ओबरा बांध खंड के अधिकारियों के निर्देशन में सायं 5:30 बजे के करीब पांच, आठ तथा नौ तीनों फाटकों को दस-दस फीट तक खोलकर 50 हजार क्यूसेक पानी बहाया जा रहा था। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि देर शाम तक और फाटक खोले जा सकते हैं। बता दें कि ओबरा डैम के फाटकों को खोले जाने से सोन नदी में तेज बहाव आने की पूरी संभावना है। वहीं बाणसागर से भी पानी छोड़ा जा रहा है जिसे लेकर चोपन के तटवर्ती इलाकों सहित पटना तक के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ के संकट मडराने लगे हैं।
वहीं इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा एलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि डूब क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों के रहवासी स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। इसके लिए पुलिस विभाग को भी सतर्क किया गया है।