इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से सोनभद्र में तीन नई कोर्ट खोलने को मंजूरी मिली है। हालांकि कोर्टों के संचालन के लिए भवन की उपलब्धता के संबंध में जिला जज से ब्योरा मांगा गया है। कोर्ट का संचालन शुरू होने से लंबित के निपटारे में काफी सहूलियत होगी। वकीलों ने डीएम से मिलकर कोर्ट के संचालन के लिए कक्ष मुहैया कराने की मांग की।
इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रशासन मुकदमों की बढ़ती पेंडेंसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश में 365 नई कोर्ट खोलने जा रहा है। इसमें से तीन नई कोर्ट सोनभद्र में खुलनी हंै। हाईकोर्ट प्रशासन ने इन कोर्टों के संचालन के लिए जिला जज राम अधार राम से भवन की उपलब्धता के बारे में ब्यौरा मांगा है।
जिला जज ने शनिवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं महामंत्री के साथ बैठक कर नई कोर्टों के संचालन के बारे में मंत्रणा की। सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष पीएन पांडेय एवं डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन महामंत्री अतुल पटेल ने बताया कि जिला जज ने डीएम से कोर्टों के संचालन के लिए भवन मुहैया कराने के बारे में पत्रक लिखने की बात कही है।
वकीलों का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को ही डीएम पीके उपाध्याय से मिला और नई कोर्टों के संचालन के लिए पुराने ट्रेजरी भवन में कक्ष मुहैया कराने की मांग उठाई। डीएम ने कहा कि फिलहाल उसमें आवश्यक सामान रखे हुए हैं। भवन के बारे में जानकारी कर शीघ्र ही अवगत कराया जाएगा।
एसबीए अध्यक्ष पीएन पांडेय ने कहा कि नई कोर्टों को किसी भी सूरत में वापस नहीं जाने दिया जाएगा, क्योंकि नई कोर्ट खोलने के लिए 10 साल लग जाते हैं। कहा कि पुराने ट्रेजरी भवन अथवा तहसील भवन में कोर्टों के संचालन के लिए भवन उपलब्ध कराया जाए। प्रतिनिधि मंडल में एसबीए अध्यक्ष पीएन पांडेय, डीबीए अध्यक्ष दयाराम यादव, सुधाकर मिश्र, ओम प्रकाश राय, चंद्रभूषण प्रसाद मिश्र, डीके मौर्या, श्रीनिवास मिश्र और अतुल पटेल शामिल रहे।