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Sonebhadra News: एक साथ उठीं तीन अर्थियां, पांडू के तट पर हुआ अंतिम संस्कार

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कोन के पांडु नदी के किनारे एक साथ जलते छतीसगढ़ हादसे में मृतकों के शव
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कोन। छत्तीसगढ़ स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वाले तीन श्रमिक सोनभद्र के भी थे। कोन थाना क्षेत्र के पिपरखाड़ गांव निवासी तीनों श्रमिकों का शव बृहस्पतिवार की सुबह घर पहुंचा।
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तीन अलग-अलग एंबुलेंस से पहुंचे शव को देखते ही गांव में कोहराम मच गया। परिजनाें का रो-रोकर हाल बेहाल था। नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान अंतिम यात्रा में ग्रामीणों की भीड़ रही।
पिपरखाड़ निवासी पंकज कुमार (30), अपने भाई बृजेश भारती (35) और गांव के राजू भारती (39) के साथ तीन माह पूर्व मजदूरी के लिए ठेकेदार के माध्यम से छत्तीसगढ़ गए थे।
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14 अप्रैल को दोपहर 2:30 बजे प्लांट के यूनिट नंबर-1 में हुए विस्फोट में तीनों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर भी घायल हुए। शवों की पहचान के बाद छत्तीसगढ़ प्रशासन ने बृहस्पतिवार को उन्हें उनके पैतृक गांव भिजवाया।
जानकारी के मुताबिक राजू भारती की बेटी की शादी अगले महीने होनी थी। पूरा परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। बेटी के हाथ पीले करने के अरमान अधूरे रह गए।
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राजू के दो नाबालिग बेटे हैं। वहीं बृजेश के दो पुत्र और पंकज की दो बेटियां हैं। तीनों का अंतिम संस्कार कचनरवा स्थित पांडु के तट पर एक साथ किया गया।
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