सोनभद्र। सरकार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए प्रयासरत है। शहर हो या गांव, घर के करीब बेहतर उपचार मिले, इसके लिए आरोग्य मंदिर खोले जा रहे हैं। लेकिन एक साल में पांच आरोग्य मंदिरों के लिए किराये के भवन नहीं खोजे जा सके।
नगरीय इलाकों की आबादी को बेहतर उपचार मिले, इसके लिए करीब एक साल पूर्व पांच आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की अनुमति मिली थी। इसमें नगर पालिका राबर्ट्सगंज, नगर पंचायत ओबरा, पिपरी या रेणुकूट में एक-एक आरोग्य मंदिर बनने हैं। जबकि 15वें वित्त आयोग के तहत पिपरी व रेणुकूट क्षेत्र में दो आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाने हैं।
इसके लिए किराये का भवन लिया जाना है। किराये के रूप में अधिकतम 50 हजार रुपये या फिर डीएम सर्किल रेट के आधार पर भुगतान होगा। 1100 वर्गफीट में भवन होना चाहिए। लेकिन अब तक भवन नहीं मिल सका है। हालांकि दावा है कि तेजी से भवन तलाशे जा रहे हैं। हालांकि विभाग के ही कुछ लोगों का कहना है कि सर्किल रेट और व्यावहारिक किराये में काफी अंतर है। कम किराया होने के कारण कोई भवन देने को तैयार नहीं है।
ये मिलेंगी सुविधाएं
आरोग्य मंदिरों में एमबीबीएस डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एएनएम और दो स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी। ओपीडी में मरीज उपचार करा सकेंगे। यहीं पर दवाएं मिलेंगी। टीकाकरण और काउंसिलिंग होगी। यहां मरीजों की 14 प्रकार की जांच हो सकेगी। अन्य जरूरी जांच के लिए सैंपल जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। यहां तैनात डॉक्टर गंभीर रोगियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह ले सकेंगे। कैंसर रोगियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। हादसों में घायल होने वालों का भी उपचार किया जाएगा।
आरोग्य मंदिरों के लिए भवनों की तलाश की जा रही है। दो केंद्रों के लिए भवन का चयन अंतिम चरण में है। कुछ स्थानों पर भवन देखे गए हैं। अधिकारियों को जल्द फाइनल करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही आरोग्य मंदिरों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। - डॉ. अश्वनी कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी