डीएम बद्रीनाथ सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक ली। बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। मानक पूरा न करने वाले अस्पतालों पर भी सख्ती करने को कहा।
डीएम ने कहा कि मरीजों की जान से खेलने वालों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। सीएमओ और निजी अस्पतालों के पंजीयन प्रभारी को निर्देशित करते हुए कहा कि चिकित्सकों की उपलब्धता से संबंधित सूचना अस्पताल के बोर्ड पर ही अंकित रहे।
इसी बोर्ड पर उनकी योग्यता सहित अन्य जानकारियां भी दर्ज कराई जाए। अगर कोई अस्पताल इससे इन्कार करता है या मानक का पालन नहीं करता तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करें। बिना पंजीयन के जिले में एक भी चिकित्सालय संचालित हो रहा हो तो उसे तत्काल बंद कराया जाए।
इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। यह भी तय किया जाय कि गर्भवती महिलाओं का प्रसव चिकित्सालयों में ही हो।
यूपीआरएनएस की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों के प्रगति की धीमी होने पर इसमें तेजी लाने के लिए सीएमओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने को कहा।
बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, सीएमओ डाॅ. अश्वनी कुमार, एसीएमओ डाॅ. आरजी यादव, डीपीआरओ नमिता शरण, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनित सिंह, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।