जिले में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। अप्रैल में ही जून से हालात हैं। लोग सन स्ट्रोक से विभिन्न बीमारियों के शिकार हो रहे। जिला अस्पताल में प्रतिदिन इससे जुड़े औसतन बीस मरीज पहुंच रहे। ऐसे मरीजों के इमरजेंसी उपचार के लिए यहां मुकम्मल व्यवस्था है।
जिले में अप्रैल माह में ही आसमान से आग बरस रही है। अब तक यहां तापमान 42 के पार जा चुका है। मौसम में रह-रहकर उतार चढ़ाव जारी है। कभी तेज धूप हो रही तो कभी तापमान 38 तक खिसक जा रहा है। तेज धूप से लोग विभिन्न तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सिर में दर्द, बुखार की शिकायत आम मरीजों को हो रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल में करीब दर्जन भर से अधिक ऐसे मरीज पहुंचे जो बुखार, सर्दी जुकाम आदि से पीड़ित थे। डॉक्टरों की मानें तो सन स्टोक से बुखार, सिर में दर्द के अलावा आंखें लाल हो सकती हैं, शरीर में पानी की कमी से डायरिया की भी शिकायत हो सकती है।
तेज धूप से व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। हालांकि अभी इस तरह के रोगी अस्पताल में नहीं पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक फिजीशियन प्रेम बहादुर गौतम का कहना है कि सन स्टोक से बचाव के लिए चीनी, नमक, पानी का घोल पिया जाना चाहिए। यदि किसी को दिक्कत हो तो वे सीधे डॉक्टरों से संपर्क करें क्योंकि अक्सर देशी इलाज के चक्कर में ज्यादा नुकसान होता है।