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Sonebhadra News: फ्लाइट से जाते थे विशाखापत्तनम, फिर ओडिशा से ट्रक से लेकर आते थे गांजा

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सोनभद्र/शाहगंज। एसओजी, सर्विलांस टीम और शाहगंज थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान में अंतरजनपदीय गांजा तस्करों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तस्करी के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डीसीएम ट्रक में बने गुप्त चेंबर से 8 क्विंटल गांजा बरामद किया गया है। इस दौरान पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य आरोपियों को वांछित घोषित किया गया है। गिरोह के सदस्य विशाखापत्तनम तक फ्लाइट से जाते थे और वहां से सड़क मार्ग के जरिये ओडिशा जाते थे।
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पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजा एक डीसीएम ट्रक में छिपाकर यूपी की ओर लाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने शाहगंज थाना क्षेत्र के बनौरा गांव के पास रॉबर्ट्सगंज-घोरावल मार्ग पर वाहन को घेर लिया। जांच के दौरान डीसीएम ट्रक के अंदर बने चेबर से गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, बरामद गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये है। पकड़े गए तस्करों की पहचान गोंडा के खोड़ारे थाना क्षेत्र के मकोईया निवासी डेविड कुमार चौरसिया और प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के पंडित का पुरवा निवासी जगमोहन के रूप में हुई। इसके अलावा उनके तीन साथी बबलू, कादिम अली और सिद्धि विनायक फरार हैं। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर अंतरजनपदीय नेटवर्क का हिस्सा हैं। गिरोह के सदस्य विशाखापत्तनम तक हवाई यात्रा से पहुंचते थे और वहां से सड़क मार्ग के जरिये ओडिशा जाते थे। वहां डीसीएम ट्रक में गांजा लोड कर यूपी लाया जाता था। ट्रक की लोकेशन देने के लिए तस्करों के साथी आगे-आगे चल रहे थे। एसपी अशोक कुमार मीणा ने टीम को 25000 का इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जनपद में नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जबकि फरार तस्करों की तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
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ऐसे करते थे तस्करी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तस्करों ने बताया कि वे फ्लाइट से दिल्ली होकर विशाखापत्तनम जाते हैं। वहां से कटक जाकर एक व्यक्ति बबलू के बताए स्थान पर पहुंचते हैं। फिर बबलू का भेजा गया व्यक्ति एक डीसीएम कंटेनर के अंदर गांजा रखकर मजबूत प्लेट लगाकर वेल्डिंग करता है, जिससे बाहर से देखने पर खाली दिखाई पड़े। वह उन्हें गाड़ी व एक नया मोबाइल सिम लगाकर देता है। इस पर गांजा मंगाने वाले व्यक्ति बबलू, सहयोगी सिद्धि विनायक व कादिम अली ही व्हाट्सएप के माध्यम से बात करते थे। गाड़ी को पास कराने के लिए रास्ते में कुछ व्यक्ति अन्य गाड़ी से आगे-पीछे चलते हैं।
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