सोनभद्र। जिला संयुक्त चिकित्सालय में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बदलते मौसम के कारण लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। अभी पखवाड़े भर पहले ओपीडी में आने वाले मरीजों में 20 फीसदी लोग वायरल बुखार से पीड़ित होते थे। अब 650 से 700 की ओपीडी हो रही है और इसमें 50 फीसदी मामले वायरल बुखार के आ रहे हैं।
बदलता मौसम सांस, ब्लड प्रेशर, हृदय के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। अस्पतालों में सर्दी, जुकाम के अलावा खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस फूलने से परेशान मरीज भी आ रहे हैं। मौसम में उतार-चढ़ाव से इलाके में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। रात में गुलाबी ठंड और दिन में तेज धूप के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। जिला संयुक्त चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डाॅ. एसएस पांडेय ने बताया कि शरीर में तेज दर्द, गले में खराश और दर्द, त्वचा पर हल्के धब्बे के मामले आ रहे हैं। मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कमजोरी महसूस होने, सिर दर्द होने के साथ तेज बुखार, खांसी की शिकायत भी वायरल बुखार से जुड़े हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में बुखार होने पर तुरंत इलाज करवाना जरूरी है। डाॅक्टर की सलाह पर ही दवा लेनी चाहिए। पीड़ित से हाथ मिलाने, छींकने, नजदीक रहने से भी वायरल का प्रकोप होने की आशंका रहती है। इसलिए वायरल बुखार होने पर सावधानी बरतने की जरूरत है।