अनपरा। अनपरा गांव से नगर बन गया। नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। सड़कें भी चौड़ी हुई हैं, लेकिन न तो बस अड्डा बना और न ही यात्री प्रतीक्षालय। यात्री हाईवे किनारे धूप, ठंडी और बरसात में खड़े होकर बस का इंतजार करते हैं। नगर क्षेत्र में डिबुलगंज से बीना तक 10 किलोमीटर के बीच एक भी यात्री प्रतीक्षालय नहीं है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
अनपरा में प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाली उत्पादन निगम की अनपरा तापीय परियोजना स्थापित है। चार वर्ष पूर्व अनपरा को गांव से नगर का दर्जा मिला था। जल्द ही अनपरा में नई बिजली परियोजना भी स्थापित होनी है, लेकिन यात्रियों की समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे के डिबुलगंज से लेकर बीना तक हाईवे पर किसी भी तिराहे या चौराहे पर बस अड्डा या यात्री प्रतीक्षालय नहीं है। परिवहन निगम को क्षेत्र से लाखों रुपए महीने की आय हो रही है। इसके बावजूद परिवहन निगम यात्री सुविधाओं पर कार्य नहीं कर रहा है। काशीमोड़ से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में यात्री चढ़ते व उतरते हैं। यहां बस के ठहराव के लिए न तो जगह है और न ही यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय ही बना है। इस कारण यात्री हाईवे किनारे दुकानों पर धूप में बैठकर बसों का इंतजार करते हैं। शक्तिनगर की ओर जाने वाले रूट पर अनपरा नगर पंचायत ने एक यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण तो कराया, लेकिन वहां बसें नहीं रुकतीं। बसें फल की दुकान के सामने तिराहे पर रुकती है, यात्री भी बस का वहीं इंतजार करते हैं। वाराणसी जाने वाले रूट पर यात्रियों को बस का इंतजार करने के लिए कोई सुविधा नहीं है। लंबे समय से स्थानीय लोग गुहार लगा रहे हैं।
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हाईवे पर बसों के खड़े होने से लगता है जाम
बस अड्डा एवं हाईवे पर यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने के कारण बसें हाईवे पर ही रुकती हैं। इस कारण काशीमोड़ और नेहरू चौक पर अक्सर जाम लग जाता है। यात्रियों को उतारने और बैठाने में दुर्घटना का डर भी बना रहता है। जाम के कारण कई बार रोडवेज की बसें बिना रुके ही निकल जाती हैं।