सोनभद्र। मिनी गोवा अबाड़ी में दो दिन पहले पिकनिक मनाने पहुंचे युवक और युवती की डूबने से मौत हो गई थी। इसी हफ्ते दुद्धी में कनहर नदी में एक युवक डूब गया था। पिछले साल ओबरा के खैरटिया के पास सोन नदी में पिकनिक मनाने पहुंचे दो युवकों की डूबने से मौत हुई थी। मुक्खा फाल, धंधरौल, नगवां बांध पर भी पर्यटकों के डूबने, मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद जिले के पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंध नदारद हैं।
कहीं भी न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही पुलिस मौजूद रहती है। अगर कोई मदद के लिए किसी को सूचना भी देना चाहे तो मोबाइल नेटवर्क भी नहीं मिलेगा। उसे नेटवर्क ढूंढने में ही कई किमी भटकना पड़ेगा। सोनभद्र को पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाने की कवायद चल रही है, मगर इन स्थानों पर आने वाले पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। ज्यादातर स्थानों पर उनके लिए शेड, बेंच, शौचालय आदि नहीं है तो बांध, झरने व नदी के किनारे सुरक्षा घेरा भी नहीं बनाया गया है। झरने के मुहाने तक पहुंचकर जलक्रीड़ा करने वालों पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है। ऐसे में छोटी सी चूक बड़ी घटना का कारण बनती है और फिर फजीहत पुलिस-प्रशासन समेत पीड़ित से जुड़े परिवारों को होती है।
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इमरजेंसी कॉल के लिए भी नेटवर्क नहीं
आपात स्थिति में किसी भी मदद के लिए पुलिस ने डायल 112 की सुविधा दी है। दावा है कि इस पर सूचना मिलते ही दस मिनट के अंदर पुलिस मदद के लिए मौके पर पहुंच जाएगी। जिले के पर्यटन स्थलों पर मोबाइल नेटवर्क ही नहीं है। ऐसे में पर्यटक चाहकर भी किसी आपात स्थिति में पुलिस को सूचना नहीं दे पाते। पर्यटन स्थलों पर पहुंचने से 5-6 किमी पहले ही मोबाइल का नेटवर्क गायब हो जाता है। किसी भी तरह की सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वापस 5-6 किमी दूर नेटवर्क जाेन में आना पड़ता है। वहां भी सिग्नल बहुत अच्छा नहीं है। सूचना देने के बाद शिकायतकर्ता चला जाए तो फिर मदद लेकर पहुंचने वाले उसे ढूंढते रहते हैं।
अचानक बढ़ जाता है कनहर नदी का जलस्तर
कनहर नदी के तट पर स्थित अबाड़ी और जोरकहू पिकनिक स्पॉट पर सामान्य दिनों में पानी घुटने से नीचे ही रहता है, लेकिन बरसात में पहाड़ी नदियों के उफनाने से कनहर का प्रवाह बढ़ जाता है। ऐसे में नदी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। प्रशासन की ओर से भी कहीं चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते लोग बेरोकटोक नदी के बीच तक पहुंच जाते हैं। नगवां बांध और धंधरौल बांध में जहां से पानी तेज गति से निकलता है, वहां भी पर्यटक नहाते रहते हैं। मुक्खा फाल में झरने के पास चट्टानों पर बैठकर युवक नहाते रहते हैं। जरा सा संतुलन बिगड़ने के बाद गहरे कुंड में जाने पर बचने की गुंजाइश नहीं रहती।
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पर्यटन स्थलों पर हुई प्रमुख घटनाएं...
केस एक- जुलाई 2024 में चोपन थाना क्षेत्र के करगरा गांव में सोन नदी में नहाते समेत चचेरे भाई-बहन समेत तीन लोग डूब गए। काफी प्रयास के बाद दोनों युवतियों को नदी से बाहर निकाल लिया गया, जबकि भदोही जिले के उदय करनपुर निवासी अंकित दुबे (18) की जान चली गई। वह एक शादी समारोह में हिस्सा लेने यहां आया था।
केस 2 - वर्ष 2022 में 15 अगस्त को दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया ब्रह्मनगर निवासी युवक की बांध में गिरने से मौत हो गई। परिजन दोस्तों पर मारपीट और धक्का देने का आरोप लगाते रहे। इस मामले में भी पुलिस की तत्काल मदद नहीं पहुंची थी।
केस 3 - घोरावल के मुक्खा फाल में वर्ष 2021 में वाराणसी से पिकनिक मनाने आए युवकों ने घोरावल निवासी अजय सेठ को चाकू मार दिया। नेटवर्क न होने के कारण पुलिस को सूचना देर से मिली, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
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ये सावधानियां बरतें ...
0 किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन कर जलाशयों में न जाएं।
0 अगर बच्चे जलाशयों के पास हैं तो अभिभावक उन्हें अकेला न छोड़ें।
0 अगर तैरना न आता हो तो नदी या अन्य जलस्रोतों से दूर ही रहें।
0 पानी में सेल्फी लेने का प्रयास न करें।
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वर्जन...
पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के मद्देनजर पीआरवी और थाने के गश्ती दल को नियमित चक्रमण करते रहने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें जा भी रही हैं। अन्य जो भी आवश्यक इंतजाम हैं, उन्हें संबंधितों से वार्ता कर पूरा कराया जाएगा। -अशोक कुमार मीणा, एसपी।