गर्मी बढ़ने के साथ हीट वेव और हीट स्ट्रोक को लेकर अलर्ट जारी हो चुका है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अस्पतालों में वार्ड और बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। कागजों में व्यवस्थाएं सब चकाचक है, लेकिन अभी भी कई अस्पतालों में संसाधनों की कमी दूर नहीं हो पाई है।
कहीं कूलर नहीं लगा है तो कहीं बिजली के बिना कूलर शोपीस बने हुए हैं। विभाग की दलील है कि अभी मरीज नहीं आ रहे हैं। यह दावा भी है कि मरीजों के आने तक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड को ही हीट स्ट्रोक व हीट वेव वार्ड में तब्दील किया गया है।
वातानुकूलित वार्ड में आठ बेड लगे हैं। कूलर भी लगाए गए हैं। तीन शिफ्टों में डॉक्टर-कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। फिलहाल मरीजों के न होने से वार्ड पर बुधवार को ताला लगा रहा। डॉ. बीके श्रीवास्तव ने बताया कि व्यवस्था पूरी हो चुकी है। अभी मरीज नहीं आ रहे हैं।
ऊर्जांचल के सबसे बड़े अस्पताल संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज पर गौर करें तो यहां हीट वेव को लेकर चार बेड का वार्ड बनाया गया है। सभी दवाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन वार्ड में कूलर ही नहीं है। मरीजों को पंखे की गर्म हवा में ही भर्ती होना होगा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. रवि प्रताप ने बताया कि कूलर के लिए ऑर्डर कर दिया गया है।
एक सप्ताह के अंदर कूलर भी आ जाएगा। बाकी सभी दवाएं उपलब्ध है। मरीज बढ़ते हैं तो अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध है। नगवां ब्लॉक की सीएचसी वैनी में भी इमरजेंसी वार्ड को हीट वेब और हीट स्ट्रोक वार्ड में तब्दील किया गया है। यहां चार बेड लगे हैं। दो कूलर भी हैं, लेकिन उसे चलाने के लिए बिजली की समस्या है।
अक्सर बिजली गुल रहने से कूलर चल नहीं पाता। अस्पताल में सौर ऊर्जा संयंत्र लगा है, लेकिन बैटरी लोड नहीं ले पा रही। खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। पर्दे भी नहीं है, जिससे गर्म हवा का झोंका वार्ड में घुसेगा। अधीक्षक डॉ. रोहित सिंह ने बताया कि रोजाना आइसबैग मंगाया भी जाता है। फिलहाल मरीज नहीं आ रहे।
घोरावल सीएचसी में अधीक्षक डॉ. नरेंद्र सरोज ने बताया कि हीट वेब के मरीजों के लिए सीएचसी में अलग से वार्ड बना है। कूलर, पंखे, पानी की व्यवस्था भी है। मरीजों के लिए अस्पताल में 24 घंटे इमर्जेंसी सेवा उपलब्ध रहेगा। कुछ ऐसी ही व्यवस्था चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी सीएचसी में भी है।
हीट स्ट्रोक से कई की गई थी जान, कम पड़ गए थे संसाधन
पिछले वर्ष भीषण गर्मी में लू व हीट स्ट्रोक ने कइयों की जान ले ली थी। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान कार्मिकों की रवानगी के दौरान दो कार्मिकों ने हीट स्ट्रोक से जान गंवा दी थी। आठ अन्य कर्मी की तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान संसाधनों की कमी सामने आई थी। जिले के आला अफसरों की मौजूदगी में समुचित उपचार के प्रबंध न होने पर कई मरीजों को निजी अस्पताल या अन्यत्र रेफर करना पड़ा था। इस वर्ष मार्च से ही तपन और लू का असर देख गर्मी प्रचंड होने की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर ही शासन ने सभी अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया है।
अपने साथ पशु-पक्षियाें का भी रखें ख्याल : डीएम
सोनभद्र। डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बढ़ती गर्मी के मद्देनजर लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा कि लू से बचाव के लिए खूब पानी पीने, तीखी धूप में न निकलने, छाता, टोपी, गमछा का इस्तेमाल करने, ताजे व मौसमी फलों का भरपूर सेवन करें। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखने को कहा है। साथ ही पशु पक्षियों के लिए भी संवेदनशील दृष्टिकोण रखते हुए घर के बाहर या बालकनी में छांव वाली जगह पर बर्तन में पानी भरकर रखने की अपील की है। पानी गर्म हो जाने पर समय-समय पर उसे बदलते रहें। कोई भी जानवर अगर खाना न खाए, सुस्त हो या उल्टी करे तो डॉक्टर को दिखाएं। पानी और दाना आदि रख रहे है तो नियमित तौर पर इसे बरकरार रखें। छत पर भी पानी की व्यवस्था करें, छायादार जगह बनाकर वहां पानी के बर्तन भर कर रखें। पक्षियों के लिये चना, चावल, ज्वार, गेहूं आदि जो भी अनाज घर में उपलब्ध हो उसे छतों एवं उचित स्थानों पर अवश्य रखें।