दुद्धी को जिला बनाने की मांग के समर्थन में सोमवार को बाजार पूरी तरह से बंद रहा। इससे लोग चाय-पान तक के लिए तरस गए। अधिवक्ताओं ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया और न्यायिक कार्य से विरत रहे।
जिला बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले नगर में जुलूस निकाला गया और सभा की गई। 31 मार्च को मांग के समर्थन में मुख्यमंत्री से अनपरा में मिलने का निर्णय लिया गया।
दुद्धी जिला बनाओ संघर्ष समिति के आंदोलन को विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं, महिलाओं से जुडे़ संगठनों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों ने समर्थन दिया।
इससे जहां नगर की सभी दूकानें बंद रहीं, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ताओं के कामकाज से विरत रहने से वादकारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को सुबह करीब 11 बजे कार्यकर्ताओं ने नगर के टाउन क्लब मैदान से बैंडबाजे की धुन पर जुलूस निकाला। इस दौरान बारिश भी हुई लेकिन कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया।
इसके बाद तहसील में पहुंचकर जुलूस सभा के रूप में तब्दील हो गया। इस दौरान संघर्ष समिति के महासचिव प्रभु सिंह एडवोकेट ने कहा कि जब तक दुद्धी को जिला नहीं बनाया जाता, इस क्षेत्र का विकास नहीं होगा।
सभा की अध्यक्षता कर रहे आदिवासी नेता हरिराम चेरो ने कहा कि क्षेत्र में मूलभूत समस्याओं को दूर करने के लिए दुद्धी का जिला बनना जरूरी है।
दुद्धी बार के अध्यक्ष रामपाल जौहरी, सिविल बार के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि दुद्धी तहसील में कई उद्योग हैं, इसके बावजूद इस क्षेत्र का विकास नहीं हो सका है।
भौगोलिक दृष्टि से काफी दुरूह इस क्षेत्र के विकास के लिए दुद्धी को जिला बनाने की मांग पूरी होना जरूरी है। रामलोचन तिवारी और अछैवर नाथ ने कहा कि मुलायम सिंह ने पूर्व में दुद्धी को जिला बनाने के लिए
पिपरी में जिला मुख्यालय का शिलान्यास किया था, लेकिन बाद में सपा सरकार उसे भूल गई। कहा कि 31 मार्च को अनपरा में आगमन पर मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सभा का संचालन दिनेश अग्रहरि ने किया। इस मौके पर गोपाल यादव, इंद्रदेव कुशवाहा, सुरेंद्र अग्रहरि, पारसनाथ गुप्ता, दरगाही यादव, आशीष गुप्ता, अवधनारायण यादव, रामअजोर भारती आदि मौजूद रहे।