औड़ी मोड़ से शक्तिनगर की 18 किमी लंबी सड़क छह साल बाद भी फोरलेन नहीं बन पाई है। इस सड़क का काम सिर्फ छह महीने में ही पूरा करना था।
विभागों में समन्वय के अभाव और जिम्मेदारों की मनमानी से परियोजना अब तक अधूरी है। कहीं बिजली के खंभे व ट्रांसफॉर्मर फोरलेन में रोड़ा बने हुए हैं तो कहीं रेलवे और जलनिगम ने अवरोध लगा रखा है।
नतीजा सड़क पूरी होने से पहले ही जगह-जगह उखड़ने भी लगी है। अधूरे फोरलेन पर हादसे भी बढ़ रहे हैं। औड़ी मोड़ से शक्तिनगर के बीच एनसीएल की कई कोल परियोजनाएं हैं। इसी मार्ग पर एनटीपीसी की शक्तिनगर और विंध्यनगर दो तापीय परियोजनाएं भी हैं।
औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण इस मार्ग पर यातायात के दबाव को देखते हुए वर्ष 2018 में इसे फोरलेन करने की कवायद शुरू हुई थी। टेंडर प्रक्रिया के बाद वर्ष 2019 में निर्माण कार्य आरंभ हुआ। इसे छह माह में पूरा करने की समय सीमा रखी गई थी।
पीडब्ल्यूडी ने आननफानन काम तो शुरू करा दिया, लेकिन फोरलेन की जद में आ रहे बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर, निजी परियोजना के रोपवे का सुरक्षा पुल सहित अन्य अवरोधों को नहीं हटवाया।
शक्तिनगर में एनटीपीसी की बाउंड्री भी फोरलेन की जद में है। नतीजा छह साल बीतने के बाद भी यह फोरलेन पूरा नहीं हो पाया है। कुल 18 किमी लंबी सड़क जगह-जगह टू लेन में ही सिमटी हुई है।
पीडब्ल्यूडी की दलील है कि उसने बिजली निगम को पोल, ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने के लिए भुगतान भी कर दिया है। दूसरी ओर बिजली निगम अभी और धनराशि की मांग कर रहा है। साथ ही अनपरा मोड़ और शक्तिनगर में परियोजना को जाने वाले रेलवे पुल के पास दूसरे लेन पुल का अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है।
इस पुल पर एक ही लेन होने की वजह से एक साथ दो वाहन आमने-सामने आने पर जाम लग जाता है। शक्तिनगर में रेलवे फाटक पर भी एक ही लेन से आवागमन होता है। यहां भी बड़ा गड्ढा है और सिंगल लेन होने के कारण अक्सर यहां जाम लग जाता है।
काम खत्म होने से पहले ही धंसने लगी सड़क
औड़ी-शक्तिनगर फोरलेन निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन बीच में कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। इन गड्ढों को 31 अक्तूबर तक भरने की अंतिम तारीख थी, मगर अब तक इस पर काम नहीं हुआ है। बीना से लेकर शक्तिनगर तक बीच में कई जगह गड्ढे बने हुए हैं। रात के अंधेरे में यह गड्ढे दिखाई नहीं देते। इससे हमेशा दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है।
यहां नहीं हटाए गए हैं बिजली के पोल
फोरलेन की जद में आने वाले रेणुसागर मोड़ से ट्रांसफॉर्मर, ककरी मोड़ पर झुलन ट्राली से सटा हाईटेंशन तार, ककरी सीजीएम कार्यालय के सामने बिजली के पोल, बीना में उपकेंद्र से सटा बिजली का पोल अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है। अभी भी यह हाईवे पर बने हुए हैं। इस कारण इन जगहों पर जाम व दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा भी कई जगह पोल फोरलेन के दायरे में हैं।
रेलवे पुल के नीचे पानी निकासी की व्यवस्था नहीं
शक्तिनगर के चिल्काटाड़ में एनसीएल खड़िया परियोजना को जाने वाली रेल लाइन है। उसके नीचे से फोरलेन गुजरी है। यहां बरसात में जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन न पीडब्लूडी और न ही एनसीएल यहां पानी निकासी की कोई व्यवस्था करा रहा है। जिस कारण बरसात में यहां जलभराव हो जाता है। इससे बड़े वाहनों का निकलना भी मुश्किल रहता है।