सोनभद्र/चोपन। बारिश थमने के बाद सोन नदी का जलस्तर घटने लगा है। शुक्रवार को नदी 34 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नीचे खिसकती रही। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे दर्ज किया गया। उधर, रिहंद बांध के जलस्तर में वृद्धि जारी है। धंधरौल और नगवां बांध का जलस्तर में मामूली अंतर रहा।
मंगलवार व बुधवार को हुई तेज बारिश के चलते जिले के नदी-नाले उफना गए थे। इससे बांध-जलाशय भी लबालब हो गए। बांधों के फाटक खोलने पड़े थे। सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान (171 मीटर) से आधा मीटर ऊपर पहुंच गया था। आसपास के खेतों में पानी घुस गया। कनछ क्षेत्र के पकड़ी, कन्हौरा, रानीडीह, ससनई, चकरिया, बसुहारी, पिंडारी सहित कई गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं। उनकी मक्का की फसल बर्बाद हो गई है। इसके साथ ही अरहर, तिल जैसी अन्य फसलों को भी बाढ़ के पानी से नुकसार पहुंचा। हालांकि बृहस्पतिवार को बारिश थमने के बाद से राहत मिली है। नदी का जलस्तर नीचे उतरने लगा है। शुक्रवार को 170 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। रिहंद बांध का जलस्तर 261.40 मीटर था। नगवां बांध 252.39, धंधरौल बांध 315.36 मीटर के जलस्तर पर था।