सोनभद्र। सरकार ने मनरेगा के तहत काम करने वालों श्रमिकों की पारिश्रमिक बढ़ा दी है। पहले प्रति मनरेगा श्रमिक को 182 रुपये मिलते थे लेकिन अब उन्हें 201 रुपये कर मिलेंगे। इससे मनरेगा के तहत पंजीकृत तीन लाख से अधिक श्रमिक लाभान्वित होंगे।
केंद्र सरकार ने श्रमिकों को उनके गांव में ही रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मनरेगा योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीणों का पलायन रोकना है। मनरेगा योजना में ग्रामीणों को अपने परिवेश में ही रोजगार प्राप्त हो जाता है, केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत 100 कार्य दिवस के रोजगार की गारंटी दी है। हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य में महात्मा मनरेगा योजना के अंतर्गत 100 कार्य दिवस को बढ़ा कर 150 कार्यदिवस की रोजगार गारंटी दी है। 50 कार्य दिवस के व्यय का वहन राज्य सरकार की ओर से किया जायेगा। इस योजना के अंतर्गत परिवार के वयस्क सदस्य की ओर से आवेदन किया जाता है, आवेदन होने के 15 दिन के अंदर रोजगार प्रदान किया जाता है। इस योजना में मजदूरी का भुगतान बैंक, डाकघर के बचत खातों के माध्यम से किया जाता है।
डीसी मनरेगा टीपी सिंह ने बताया कि सोनभद्र में मनरेगा तहत तीन लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। इस योजना के तहत वर्तमान में 25 हजार से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं। अब तक 50 लाख 54 हजार मानव दिवस सृजित किया गया है। मनरेगा के तहत काम करने वाले प्रति दिन की मजदूरी 201 रुपये दी जा रही है।