कोहरे के चलते पारेषण लाइनों में होती दिक्कत को देखते हुए रात में थर्मल बंैकिंग बढ़ा दी गई है। शनिवार रात अनपरा परियोजना में सब कुछ ठीक-ठाक रहने के बावजूद 270 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई गई। 500 मेगावाट वाली छठवीं इकाई को भी रात साढ़े दस बजे के करीब उत्पादन पर ले लिया गया।
रविवार को दोपहर में एक घंटे के लिए उत्पादन बेहतर हुआ। इसके बाद तकनीकी दिक्कत के चलते पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई ट्रिप कर गई। जिसे दुरुस्त कर शाम पांच बजे उत्पादन पर ले लिया गया। शाम को डेढ़ सौ मेगावाट की फिर से थर्मल बैकिंग शुरू होने के कारण, इस इकाई को 280 मेगावाट पर चलाया जा रहा है। चार दिन पूर्व पारेषण लाइनों में आई दिक्कत के बाद से अनपरा में बिजली इकाइयों के उत्पादन में उतार-चढ़ाव का क्रम बना हुआ है। शनिवार सुबह पारेषण लाइन दुरुस्त होने के कारण, उत्पादन की स्थिति तो पटरी पर आ गई लेकिन शाम होते ही छाते घने कोहरे को देखते हुए शक्ति भवन से रात में बिजली उत्पादन कम रखने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में शनिवार रात अनपरा परियोजना में उत्पादन कम रखा गया। रविवार की दोपहर बारह बजे उत्पादन बढ़ाया गया तो परियोजना का कुल उत्पादन दो हजार मेगावाट को पार कर दिया गया लेकिन सातवीं इकाई के ट्रिप करने के बाद यह 15 सौ मेगावाट के इर्द-गिर्द आ गया। सातवीं के फिर से उत्पादन पर आने के बाद यह सुधर कर 18 सौ मेगावाट पहुंच गया था।
परियोजना के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि इकाइयां बेहतर तरीके से संचालित हों, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। कोहरे का पारेषण लाइनों पर पड़ते प्रभाव को देखते हुए रात में सिस्टम कंट्रोल के निर्देशानुसार इकाइयों का लोड कम कर दिया जा रहा है। बता दें कि अनपरा की बिजली पूरे प्रदेश में सबसे सस्ती है। यही प्रमुख कारण है कि यहां बहुत जरूरी होने पर ही उत्पादन का स्तर घटााने पर जोर दिया जाता है।