दुद्धी। कनहर सिंचाई परियोजना के डूब गांव सुंदरी में रविवार को दो विस्थापितों के छप्पर पर ब्लास्टिंग का पत्थर उड़कर गिरने से हड़कंप मच गया। जबकि दोनों विस्थापित पुनर्वास पैकेज पा चुके है, फिर भी घरों को को खाली नहीं कर रहे हैं।
रविवार को परियोजना के कार्य के दौरान पत्थर के टुकड़े उड़कर सुंदरी गांव निवासी सुलेमान व जहूर के छप्पर को तोड़ते हुए घर के अंदर जा गिरे। गनीमत था कि कमरे में कोई नही था , वरना बड़ी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता था। इसके अलावा छोड़े-बड़े कई पत्थर के टुकड़े विस्थापितों के खेतों में और संर्पक मार्गों पर गिरे। हालांकि किसी को चोट नहीं लगी। सिंचाई विभाग ने सभी विस्थापितों को घरों को खाली करने के लिए नोटिस भी थमा चुका है। सिचाई विभाग के अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि सुंदरी गांव में 1589 परिवारों में 1408 विस्थापितों को पैकेज दिया जा चुका है।उन्हें घर खाली करने के लिए नोटिस भी दी जा चुकी है, इसके बाद भी खाली नहीं कर रहे है। वहीं विस्थापितों का आरोप है कि सरकार ने तीन पीढ़ी का पुनर्वास पैकेज देने की बात कही है और कुछ परिवार में दो पीढ़ी पुनर्वास पैकेज दिया गया है जिससे परिवार के अन्य लोगों ने घर खाली नहीं किया है।