काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन काशी द्वार बनाया गया गेट संवाद
वाराणसी। सावन माह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, अर्धसैनिक बल और एटीएस की संयुक्त टीमों की निगरानी में धाम की सुरक्षा रहेगी। गोदौलिया और मैदागिन मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए भीड़ प्रबंधन के तहत जिगजैग बैरिकेडिंग की जाएगी। नेमी दर्शनार्थियों के लिए गेट नंबर 4 से विशेष प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। काशी का पता अंकित आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र दिखाकर वे प्रवेश कर सकेंगे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सावन माह के दौरान सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और अन्य आधुनिक निगरानी संसाधनों के माध्यम से मंदिर क्षेत्र तथा प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। मंदिर परिसर के अंदर एटीएस और अर्धसैनिक बल तैनात रहेंगे, जबकि बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पार्किंग स्थलों की व्यवस्था मंदिर क्षेत्र से अधिकतम 500 मीटर से एक किलोमीटर की दूरी के भीतर की जाएगी, ताकि दर्शनार्थियों को अधिक दूरी पैदल न चलना पड़े और सुगम आवागमन बना रहे।
श्रद्धालुओं के मोबाइल फोन और अन्य आवश्यक सामान जमा करने तथा वापस प्राप्त करने की व्यवस्था को भी अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। गंगा घाटों पर सुरक्षा के मद्देनजर जल पुलिस, एनडीआरएफ के विशेष गोताखोरों और एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। नमो घाट, ललिता घाट, पंचगंगा घाट, दशाश्वमेध घाट समेत अन्य प्रमुख घाटों पर एनडीआरएफ की टीमें मुस्तैद रहेंगी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि सावन माह की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर राजपत्रित अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। काशी विश्वनाथ धाम में महाकुंभ जैसी व्यवस्था की जाएगी। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।