कनहर सिंचाई परियोजना के निर्माण को लेकर गतिरोध थम नहीं रहा है। शुक्रवार को धरना दे रहे विस्थापितों ने लाठी-डंडा लेकर अमवार में जुलूस निकाला और निर्माण कार्य का विरोध जताया।
वहीं निर्माण के समर्थन में भी भारी संख्या में महिलाओं ने फिल्ड हास्टल पर जुलूस निकालकर विधायक रूबी प्रसाद, डीएम और एसपी को पत्र सौंपकर जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की।
इसी बीच क्राइम ब्रांच ने पुलिस पर हमला करने वाले दो विस्थापितों को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उनका चालान कर दिया गया।
डूब क्षेत्र के विस्थापितों को तीन पीढ़ी से मुआवजा देने की मांग को लेकर शुरू हुआ विस्थापितों का धरना अब प्रशासन और विस्थापितों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।
प्रशासन हर हाल में शासन के निर्देश पर कार्य पूर्ण कराने के प्रयास में है तो विस्थापित किसी भी सूरत में मांग पूरी हुए बगैर निर्माण नहीं होने देना चाहते। इसको लेकर दो बार उनके और पुलिस के बीच संघर्ष हो चुका है।
विस्थापितों का धरना लगातार जारी है। शुक्रवार को विस्थापितों ने धरना स्थल पर लाठी-डंडे से लैस होकर जुलूस निकाला और मांग पूरी करने की मांग उठाई।
विस्थापितों के नेता गंभीरा ने पुलिस पर जानलेवा हमला का केस दर्ज कराने की भी मांग की। उधर कनहर निर्माण के समर्थन में शुक्रवार को ही फिल्ड हास्टल अमवार में लालती देवी और अनीता बिंद की अगुवाई में सैकड़ों महिलाओं ने जुलूस निकला।
महिलाओं ने निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की और मौके पर पहुंची विधायक रूबी प्रसाद, डीएम संजय कुमार और एसपी शिवशंकर यादव को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान शांति देवी, मानिक चंद, वंशीधर, सुजीत, चनवा देवी, नंदलाल, बनारसी, उमेश, रामकली शामिल रहीं। इसी बीच क्राइम ब्रांच और राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने पुलिस पर हमले के आरोपी दो विस्थापितों को राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन से शुक्रवार को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
क्राइम ब्रांच प्रभारी डीपी सिंह ने बताया कि दो आरोपियों क्रमश: दुद्धी कोतवाली के भिसुर गांव निवासी अशर्फी यादव और लक्ष्मण भूइयां राबर्ट्सगंज को गिरफ्तार कर लिया गया।
उनका दोपहर में चालान कर दिया गया। बता दें कि अमवार में पिछले दिनों पुलिस और विस्थापितों के बीच हुए संघर्ष में पुलिस की गोली से घायल अकलू के इलाज के लिए अशर्फी और लक्ष्मण वाराणसी गए थे।