फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस के भय से गांव छोड़ भागे चननी के लोग

Wed, 22 Jul 2015 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
विज्ञापन
विज्ञापन
कोन थाना क्षेत्र के चननी जंगल में पुलिस के लाठीचार्ज में घायल हुई महिलाओं और पुरुषों ने मंगलवार को सपा के जिला कार्यालय पर सदर विधायक अविनाश कुशवाहा से मदद की गुहार लगाई।
विज्ञापन


विधायक ने पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए घटना की रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को भेज दिया है। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस के भय से वह घर नहीं जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया जाएगा।

एसपी ने कहा कि निर्दोष व्यक्तियों के विरुद्घ कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन दोषियों को बख्शा भी नहीं जाएगा।
दोपहर करीब 12 बजे समाजवादी पार्टी कार्यालय पर चननी गांव के दर्जनों महिला और पुरुषों ने पहुंच कर विधायक अविनाश कुशवाहा को पुलिस के करतूतों से अवगत कराया।
विज्ञापन


पीड़ितों का कहना था कि रविवार की सुबह करीब दस बजे पुलिस ग्रामीणों के घरों में घुस कर भोजन बनाने के लिए रखी लकड़ियों को निकलवा कर पिकअप पर लोड कराने लगे।

विरोध करने पर पुलिस कर्मियों ने लाठी-डंडे से ग्रामीणों को पीटना शुरू कर दिया। गांव के बाहर ग्रामीण निकल न सकें, इसके मद्देनजर पुलिस ने घेरेबंदी कर रखी है। हालांकि सोमवार की भोर में पुलिस से छिप छिपाकर जंगल के रास्ते जिला अस्पताल पहुंच कर गंभीर रूप से घायल महिलाओं ने खुद का मेडिकल परीक्षण करवाया है।

 पीड़ितों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक ने प्रदेश कार्यालय को पत्र भेज कर चचनी की घटना से अवगत कराया। विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीणों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

वहीं पुलिस अधीक्षक शिवशंकर यादव का कहना है कि  निर्दोष ग्रामीण गांव मेें रह रहे हैं, जिन लोगों ने पुलिस पर पथराव किया था वही लोग इधर-उधर घूम कर पुलिस के ऊपर परेशान करने का झूठा आरोप मढ़ रहे हैं।
विज्ञापन


निर्दोष व्यक्तियों की पुलिस मदद कर रही है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें